भौवापार गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। आने-जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा।
महुली। धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू के जलस्तर में मामूली कमी आई है। नदी जहां खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। अब वह 40 सेंटीमीटर नीचे आ गई है। पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन खतरा बरकरार है। बांधों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
सरयू नदी का जलस्तर पिछले सात दिनों से लगातार बढ़ रहा था। धनघटा तहसील क्षेत्र के ढोलबजवा, भौवापार, खालेपुरवा, नकहा, रामपुर समेत कई अन्य गांवों में नदी में नांवें चल रही हैं। नावों के सहारे ही लोग गांव में जा रहे हैं। भौवापार गांव की स्थिति यह है कि छोटी डोंगी नाव के सहारे लोग अपने घरों को जा रहे हैं। अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में पेट्रोलिंग टीम लगातार गश्त कर रही है। कटान के संभावित स्थल तुर्कवलिया, गायघाट के साथ ही अन्य स्थानों पर सतर्क निगाहें रखी जा रही हैं।
नकहा के देवीचरण बताते हैं कि हमारी पूरी फसल नदी और बंधे के बीच में है। पूरी फसल डूब गई है। फसलें पीली पड़ती जा रही हैं। गन्ने की भी यही स्थिति है। अगर पानी देर तक रुका तो फसल नष्ट हो जाएगी।
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नदी पिछल कई दिनों से काफी तेजी से बढ़ रही थी। नदी के बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए लोग काफी चिंतित थे कि बंधे ओवरफ्लो न हो जाएं। साथ ही बंधे गीले होकर दलदली न हो जाएं। जलस्तर कम होने से बंधे का जो इलाका गीला हो गया था वह फिर से सूख जाएगा।
-राहुल, जगदीशपुर
सरयू का जलस्तर घट रहा है इससे बहुत ही खुश होने की जरूरत नहीं है। कटान घटती हुई सरयू में ही होता है। जब नदी घटती है तो इसकी धारा का वेग तेज होता है और यह किनारों पर कटान करती है। गायघाट गांव का एक पुरवा तो सरयू पहले से ही डूबा चुकी है।
-बालेन्द्र, गायघाट
कोट
जिले की सभी नदियों की स्थितियों पर लगातार नजर है। नदियों के जितने भी बंधे हैं उनपर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही पेट्रोलिंग भी हो रही है। सभी जिम्मेदार विभागों को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। सभी बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
-आलोक कुमार, जिलाधिकारी