धनघटा। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से एक बार फिर समीपवर्ती गांव के लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। 24 घंटे में नदी 20 सेंटीमीटर बढ़कर शनिवार की शाम 78.650 सेंटीमीटर पर पहुंच गई। वही दूसरी तरफ कुआनो नदी के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की कमी आई है।
सरयू नदी के जलस्तर में जब बढ़ोतरी होती है तो धनघटा तहसील के वह 36 गांव सबसे पहले प्रभावित होते हैं जो नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे हुए हैं। बाढ़ के कारण इन गांवों के लोगों को प्रति वर्ष उजड़ने और बसने की नौबत आ जाती है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान 79.400 मीटर से करीब 70 सेंटीमीटर नीचे है। लेकिन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से लोगों की खेतों में पानी फैलने लगा है। इसी महीने में दो बार नदी के पानी में वृद्धि होने से किसानों को फसलों को प्रभावित होने का डर सताने लगा है।
शुक्रवार की शाम चार बजे से शनिवार की शाम चार बजे तक सरयू नदी जिस तरह 20 सेंटीमीटर बढ़ते हुए 78.450 से 78.650 मीटर पर पहुंची है अगर यही रफ्तार रही तो दो दिनों के भीतर बांध और नदी के बीच बसे 17 गांव के लोगों की अपने घरों से पलायन करना मजबूरी हो जाएगी। उधर, कुआनो नदी में 30 सेंटीमीटर कमी आई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर बढ़ोतरी दर्ज हुई है तो कुआनो नदी मुखलिसपुर में 30 सेंटीमीटर नीचे आई है।