सरयू नहर सूूूूखी, किसानों को सिंचाई की चिंता
11 दिसंबर को बलरामपुर में पीएम ने किया था लोकार्पण तो जगी थी उम्मीद
नहर में पानी न आने से निजी नलकूपों का सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खेतों में हरियाली लाकर किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए शुरू हुई सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण हो चुका है। 11 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना का बलरामपुर में विधिवत शुभारंभ भी किया था। तब किसानों को उम्मीद थी कि नहर के पानी से खेतों की सिंचाई होगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कारण यह है कि नहर सूखी पड़ी है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्ष 1982 में सरयू नहर परियोजना पर कार्य शुरू हुआ था। इससे नौ जिलों के करीब 24 लाख किसानों को लाभ मिलना है। इसमें बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, गोरखपुर व महराजगंज जिले शामिल हैं। जिले की बात करें तो कई स्थानों पर नहरों का निर्माण कराया गया है। इसमें मनवापुर, बखिरा, भुअरिया, सेमरियावां, बेलहर कला, मेंहदावल, खलीलाबाद आदि क्षेत्र शामिल हैैं, लेकिन इन नहरों में पानी नहीं है। ऐसे में किसान सिंचाई के लिए भटकने के लिए मजबूर हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी नहर में पानी नहीं आ रहा है, जबकि किसानों को रबी की फसल की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है। ऐसे में किसान परेशान हैं। उन्हें सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा रह रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान राम लौट, उमाशंकर, दिनेश कुमार, नन्हें लाल आदि ने कहा कि सरयू नहर में पानी नहीं आ रहा है, जिसके कारण सिंचाई के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड विजय कुमार ने बताया कि जिले में परियोजना से जुड़े सभी कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं। बीच में नहर में पानी छोड़ा गया था, लेकिन कुछ स्थानों पर लीकेज की समस्या आ गई थी, जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। किसानों को सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।