एचआरपीजी कॉलेज में सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती से पूर्व आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते वक्त
संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद के राजनीति विज्ञान विभाग में बुधवार को आगामी राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में भारत के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमिका विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डीएन पांडेय ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि भारत की स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखंडता के सबसे बड़े रक्षक भी बने। उन्होंने कहाकि जब भारत 1947 में आजाद हुआ, तब हमारे देश में 562 रियासतें थीं। छोटे-बड़े राज्य जिनके अपने राजा और नवाब थे। अंग्रेजों के जाते समय इन रियासतों को स्वतंत्र रहने या भारत, पाकिस्तान में शामिल होने का विकल्प दिया गया। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने राजनीतिक कौशल से लगभग सभी रियासतों को भारत में मिला लिया। संवाद