संतकबीरनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वर-वधू के विवाह से पहले उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी। इसके बाद ही उन्हें सरकारी योजना का लाभ दिया जाएगा। विभाग इसकी कवायद में जुट गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी के लिए सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक लाख रुपये प्रति जोड़ा खर्च करती है। कन्या के बैंक खाते में 51 हजार रुपये डाले जाते हैं और बाकी धनराशि उपहार और आयोजन पर खर्च की जाती है, लेकिन अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि वर या वधू के दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर दिए जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए शासन ने वर-वधू के आधार कार्ड के सत्यापन में लापरवाही पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विवाह स्थल पर ही दोनों की बायोमेट्रिक उपस्थिति को आवश्यक कर दिया है। साथ ही, जहां 100 या इससे अधिक जोड़े के सामूहिक विवाह होंगे। वहां उपजिलाधिकारी की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी।
इसके अलावा दूसरे जिले के अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में नामित किए जाएंगे जो किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर सीधे निदेशालय या मंडल के उपनिदेशक समाज कल्याण को रिपोर्ट देंगे।
नाश्ते में मिलेगा समोसा-बर्फी और ठंडा : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयोजन में नाश्ते के दौरान केला, समोसा, बर्फी के साथ ठंडा पेय भी मिलेगा। भोजन में दाल, चावल, रोटी, सूखी सब्जी, पूड़ी, कचौड़ी, मिक्स वेज, पनीर की सब्जी, सलाद, रसगुल्ला, खीर व हलुआ परोसा जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।