संतकबीरनगर। नागपंचमी का पर्व मंगलवार को जिले भर में धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों में पूजन-अर्चन हुआ। दूध पिलाने के साथ लावा चढ़ाकर नागदेवता की पूजा हुई। नागपंचमी से ही त्योहारों की शुरुआत मानी जाती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। सावन में भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा का महत्व है। खलीलाबाद के लक्ष्मीनारायण मंदिर, गोला बाजार स्थित शिव मंदि, गन्ना विकास इंटर कॉलेज के पास शिव मंदिर, बेलहर कला, सेहुआनाथ शिव मंदिर आदि पर नाग देवता की पूजा-अर्चना की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा उपासना करने पर नाग देवता के साथ भोले भंडारी भी अत्यंत प्रसन्न होते हैं। नाग पंचमी के पर्व पर सभी प्रमुख नाग मंदिरों में नाग देवता की पूजा हुई।
नाग पंचमी पर कबीर भजनों का श्रद्धालुओं ने उठाया आनंद : पौली/ रोसयाबाजार। नाग पंचमी पर मंगलवार को जहां प्रत्येक घरों में नाग देवता की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि की कामना की। वहीं पौली क्षेत्र के कुआनो तट पर संत कबीर विज्ञान आश्रम पचरा में कबीर पंथ के अनुयायियों ने कबीर साहब के भजनों का खूब आनंद उठाया। महंत बाबा सुकृत दास साहब ने कहा कि नाग पंचमी का पर्व प्रत्येक जीव पर दया करने का संदेश देता है।