संतकबीरनगर। बरसात होने के साथ ही बीमारियां बढ़ने लगीं हैं। ऐसे में बच्चों में बुलस इम्पेटिगो जैसे खतरनाक त्वचा रोग का खतरा बढ़ने लगा है। उनके शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियां निकल रही हैं, जो धीरे-धीरे फैलकर बड़ी हो जा रही हैं। जिला अस्पताल इससे पीड़ित बच्चे प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इससे बचाव के उपाय बता रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी में करीब 1200 से 1300 मरीज इलाज के लिए आते है। बाल रोग विभाग में भी करीब 250 बच्चे इलाज कराते हैं। इसमें 20 से 25 बच्चे ऐसे हैं जो चेहरे पर दाने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। वीं कुछ बच्चों के शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियां निकल जा रही हैं। उसे दिखाने वह अपने परिजनों के साथ पहुंच रहे हैं।
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लक्षण
- बुलस इम्पेटिगो के कारण त्वचा पर घाव हो जाते है।
- ये छाले तेजी से बढ़ सकते है और फिर फट जाते है।
- जिससे किनारे पर भूरे रंग की पपड़ी के साथ एक नम क्षेत्र रह जाता है।
- छोटे-छोटे छाले मिलकर बड़े, ढीले, लटके हुए छाले बन सकते है।
- संक्रमण के संपर्क में आने से एक से तीन दिन बार घाव दिखाई देते है।
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ऐसे करें बचाव
- गंदगी वाली जगह पर न जाएं
- घर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई रखें
- ताजे पानी से स्नान करें।
- बुलस इम्पेटिगो के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें
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देहात क्षेत्र में बुलस इम्पेटिगो के पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। अगर परिवार में किसी एक बच्चे को हो यह बीमारी हो रही है तो अन्य लोगों में भी बीमारी होने का खतरा अधिक है, इसके लिए बचाव जरूरी है। अगर ऐसा लक्षण मिले तो तत्काल चिकित्सक से बात करें और इलाज कराएं।
डॉ. डीपी सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ