संतकबीरनगर। पीसीएफ के जिला प्रबंधक रहे महेंद्र गर्ग का विवादों से हमेशा नाता रहा है। उनके ऊपर संतकबीरनगर में दो केस दर्ज हुए। बरेली में भी उनके ऊपर केस दर्ज किया गया है। संतकबीरनगर में उन्होंने धान की खरीदारी कागजों में ही की थी। फर्जी किसानों को भुगतान भी करवाकर पैसे रख लिए। सोचा था कि धान का रेट सस्ता होगा तब खरीदारी का कोटा पूरा करा लेंगे, लेकिन धान का मूल्य बढ़ता ही गया और घपले की सारी योजना खटाई में पड़ गई।
वर्ष 2023-24 की धान की खरीदारी के दौरान कागज में खरीदारी पूरी कर ली गई। सस्ता धान खरीदकर मिलरों को कुटाई के लिए देना था, लेकिन जब धान का रेट बढ़ गया तो खरीदारी कहां से करते। नतीजा यह हुआ कि मिलरों को कूटने के लिए धान दे ही नहीं पाए। स्थिति यह हुई कि न मिलरों के पास धान गया और न वापस देने के लिए चावल ही आया। इस प्रकार कुल 33.42 लाख रुपये की घपला उजागर हुआ। जांच में पुष्टि के बाद उनके ऊपर केस दर्ज किया गया। उनके साथ गणक मुक्तेश्वर पर केस दर्ज है।