संतकबीरनगर। प्रतिदिन जंक फूड और तली-भुनी चीजों से युवाओं में फैटी लिवर के मामले बढ़ रहे हैं। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज व युवा इसी बीमारी से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। परेशानी बढ़ने पर इनमें खून की कमी भी देखने को मिल रही है।
फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि युवाओं को रोजाना बाहर की कचौड़ी, समोसा के साथ ही जंक फूड खाने से बचना चाहिए। रोजाना बाहरी खाना खाने वाले युवाओं में फैटी लिवर की समस्या सामने आ रही है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन 1300 से 1400 मरीज इलाज के लिए आ रहे है। इसमें से 30 से 40 मरीज फैटी लिवर से परेशान होकर इलाज करा रहे हैं। जांच के बाद इनमें से मरीज केवल फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित होते हैं। चिकित्सक डॉ. कुमार सिद्धार्थ का कहना हैं कि ज्यादातर युवाओं में यह परेशानी देखने को मिल रही है।
उनका कहना है कि घर से बाहर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, ट्यूशन, पढ़ाई के लिए समय बचाने अथवा लंबी कक्षाओं के कारण युवाओं और कामकाजी महिलाओं में जंक फूड खाने की आदत बढ़ रही है, लेकिन कुछ समय बाद पेट में पानी भरने, खून की उल्टी होने, लिवर में परेशानी जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
मरीज शांतुन, आशा आदि ने बताया कि उनके पेट में दर्द होता है। जांच कराई तो फैटी लीवर की समस्या निकली है। चिकित्सक ने दवा दी है और खाने की चीजों में परहेज करने को कहा है।
डॉ. कुमार सिद्धार्थ का कहना है कि शुरुआत में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते इसलिए पता नहीं चल पाता है। परेशानी ज्यादा बढ़ने पर इनमें खून की कमी भी देखने को मिल रही है।