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Sant Kabir Nagar News: दो फीसदी ब्याज का झांसा देकर बांटे कर्ज, 26% पर कर रहे वसूली

Thu, 26 Sep 2024 04:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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हैंसर बाजार क्षेत्र के 45 परिवारों की महिलाओं ने अलग-अलग निजी बैंकों से लिया है कर्ज, बयां की पीड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी

धनघटा। निजी बैंकों से ऋण लेकर पारिवारिक स्थिति में सुधार का सपना संजोने वाली महिलाएं कर्ज के मकड़जाल में इस कदर फंस गई हैं कि अब उनके लिए मुश्किल हो गया है। दो प्रतिशत ब्याज लेने की बात कह कर कर्ज देने वाले बैंक 25 से 26 प्रतिशत ब्याज की वसूली कर रहे हैं तो कर्जदार अधिकारियों के दरवाजे का चक्कर काटकर निजात दिलाए जाने की मांग कर रही हैं।

विकास खंड हैंसर बाजार के कटया गांव निवासी 45 परिवार की महिलाएं अलग-अलग निजी बैंकों से कर्ज ली हुई हैं। महिलाओं का कहना है कि जब वह लोग कर्ज नहीं लिए थे तब बैंक के लोग दूसरे, तीसरे दिन गांव में पहुंचकर गांव की महिलाओं को बुलाकर बैठक करते थे। बैठक में दो प्रतिशत ब्याज पर लोन देने की बात कह कर व्यवसाय करके उत्थान का सपना दिखाते थे। बैंक के लोगों के कहने पर कोई 90 हजार तो कोई एक लाख रुपये ऋण लिया। जिसे हफ्तावार किस्त पर दो वर्ष में चुकता करना था, लेकिन बैंक के लोग जब किस्त की वसूली करना शुरू किए तो जितना बताए थे उससे अधिक किस्त वसूल रहे हैं। इस तरह लोग जमा करते जा रहे हैं और कर्ज कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
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केस नंबर एक
कटया गांव की सपना का कहना है कि उस ने निजी बैंक से 90 हजार रुपये कर्ज लिया था। बैंक के लोग जब कर्ज दिए उस समय दो प्रतिशत ब्याज लेने की बात बताए थे। 1300 रुपये प्रति सप्ताह 15 माह से जमा कर रही हूं। मूलधन कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

केस नंबर दो
कटया गांव की सुंदरी का कहना है कि जब बैंक के लोग गांव में आकर बैठक कर कम ब्याज पर ऋण देने की बात बता रहे थे और कर्ज लेने के लिए दबाव बना रहे थे, कम ब्याज होने की वजह से कर्ज ले ली। 1300 प्रति सप्ताह किस्त जमा कर रही हूं। 13 माह हो गए जमा करते हुए, लेकिन मूलधन कम होने का नाम नहीं ले रहा है।


केस नंबर तीन
रिंकी का कहना है कि 90 हजार रुपये वह भी प्राइवेट बैंक से कर्ज ली। 13000 प्रति सप्ताह जमा करती चली आ रही हूं। 11 महीने जमा करते हो गया। लेकिन ली गई रकम कम होने का नाम नहीं ले रही है। अगर कोई किस्त समय पर नहीं दे पाती हूं तो बैंक के लोग घर में घुसकर उत्पात मचाते हैं।


केस नंबर चार
पूजा का कहना है कि निजी बैंकों के मकड़जाल में भोली भाली महिलाएं इस कदर फंसी की उससे निकलना मुश्किल हो गया है। पूजा का कहना है कि 90,000 रुपये तो वह भी कर्ज ली। हर सप्ताह 1300 किस्त भी जमा करती चली आ रही हूं। लेकिन दो प्रतिशत की जगह जब 26 ब्याज वसूला जा रहा है तो कर्ज कैसे खत्म होगा।

डीएम की टीम ने की जांच तो मामला मिला सही
महिलाओं की शिकायत पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जांच के लिए टीम का गठन किया था। टीम में लीड बैंक मैनेजर, उपायुक्त स्वतः रोजगार एवं उपायुक्त उद्योग शामिल थे। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी। जिसमें भ्रामक तथ्य बताकर लोन दिए जाने की बात सामने आई थी। आख्या में बताया गया कि कुछ बैंक भ्रामक तथ्य के आधार पर लोन देते हैं। व्यक्तिगत लोन देकर अधिक ब्याज लिया जाता है, जबकि लोन देने समय ब्याज की रकम काफी कम बताई जाती है।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि टीम की जांच में ब्याज अधिक लेने की मामला सामने आया है। ब्याज दर और सेवा शर्तें निर्धारित करने के लिए लीड बैंक मैनेजर को सर्कुलर जारी करने को कहा गया है।
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