संतकबीरनगर। इंस्पायर अवार्ड के लिए संतकबीरनगर के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में उत्साह नहीं है। प्रदेश में जिले की प्रगति इस कदर निराशाजनक है कि अब तक जिले से मात्र पांच नामांकन हो पाए हैं। यह हाल तब है, जब शासन ने सभी स्कूलों को पांच-पांच नामांकन कराने के लिए निर्देशित किया है। इस लापरवाही को लेकर शासन ने नाराजगी जताई है। इसके लिए नोडल नामांकित कर नामांकन बढ़ाने का निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से विद्यार्थियों में नवाचारी सोच विकसित करने के लिए इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत आवेदन लिया जा रहा है। इसमें प्रत्येक स्कूल से कक्षा छह से दसवीं तक के छात्र-छात्राओं का पंजीकरण कराया जा रहा है। जिसमें जिला स्तरीय प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए किया जाएगा। इसके लिए जुलाई माह से ही आवेदन मांगे जा रहे है, लेकिन जिले से मात्र पांच आवेदन ही हो पाए है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने योजना में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि छात्रों का योजना में नामांकन बेहद खराब है। ऐसे में इस योजना में तेजी लाए जाने के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए जाए और वह स्कूलों में जाकर इंस्पायर अवार्ड के लिए छात्रों का अधिक से अधिक नामांकन कराए। इसके साथ ही इस पर नजर रखे। उन्होंने बताया कि योजना का प्रभारी क्रियान्वयन जरूरी है, इसलिए डीआईओस और बीएसए इस पर नजर रखे और प्रतिदिन इसकी समीक्षा नोडल अधिकारियों से करे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। 15 सितंबर तक योजना में शत-प्रतिशत नामांकन कराए।