संतकबीरनगर। कूट रचित दस्तावेज के जरिए बैनामा कराने पर 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश के क्रम में एडीएम जयप्रकाश ने बताया कि जिलाधिकारी के जनता दर्शन में कार्यालय, उप निबंधक, मेंहदावल एवं कार्यालय उप निबंधक, धनघटा में कूटरचित अभिलेख तैयार कर बैनामा करने के प्रकरण की जांच में स्पष्ट हुआ कि कूटरचित अभिलेख तैयार कर बैनामा किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यालय उप निबंधक मेंहदावल में विक्रेता तुलसीराम उर्फ नाथूराम बनकर किसी अन्य व्यक्ति ने बैनामा किया है। इसमें अभिलेख (आधार कार्ड) में कूटरचना कर नाम अंकित करके फर्जी बैनामा किया गया है।
इसी प्रकार कार्यालय उप निबंधक धनघटा में निर्मला देवी की ओर से अभिलेख (खतौनी) में कूट रचना कर अपना नाम अंकित कराकर फर्जी बैनामा किया गया है। उप निबंधक कार्यालय मेंहदावल एवं धनघटा में कूटरचित अभिलेख प्रस्तुत करने एवं संपत्ति हड़पने के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उप निबंधक को निर्देशित किया गया है। इसकी सूचना से प्रभावित पक्षों अवगत कराया गया है। एडीएम ने बताया कि मेंहदावल थाने में राधेश्याम पुत्र प्रभुनाथ, पटेश्वरी पुत्र गनपत, प्रभात सिंह पुत्र रामनयन सिंह, संतोष कुमार पुत्र क्षिनकान, तुलसीराम, हकीकुल्लाह पुत्र जिल्ले एवं चंद्रशेखर चौधरी के नाम एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इसी प्रकार धनघटा थाना में निर्मला देवी पत्नी श्री रामवृक्ष, छोटेलाल पुत्र योगेंद्र, त्रिलोकीनाथ पुत्र जगदीश, त्रिभुवन पुत्र श्रीराम, बृजमोहन पुत्र महेंद्र के विरुद्ध खिलाफ भी केस दर्ज कराया गया है। शीघ्र जांच कर दोषी व्यक्तियों को दंडित कराने की कार्यवाही की जाएगी।