महुली । क्षेत्र के कोदवट निवासी पूर्व नेवी अफसर रामहित यादव को मौत बहाने से खींचकर सीहापार हाल्ट ले गई। ट्रेन में वह बस्ती तक पहुंचे तो जगे हुए थे। परिवार के लोगों से बात हुई थी कि वह खलीलाबाद पहुंचने वाले हैं। वहां पहुंचते ही उन्हें नींद आ गई और वह वहां उतर नहीं सके। सीहापार हाल्ट के पास धीमी हुई ट्रेन से उतरने के प्रयास में वह ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इससे परिवार में मातम छा गया है।
नेवी में चीफ पेटी अफसर के पद पर तैनात रहे रामहित यादव आठ साल पूर्व रिटायर हुए थे। इसके बाद वह सुभाष चंद्र के एसआर ग्रुप में मैनेजर का काम कर रहे थे। उनकी कुल तीन संतानें हैं। इनमें सबसे बड़ा बेटा 25 वर्षीय दीपक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वहीं बेटी ज्योति की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी प्रीति अभी अध्ययनरत है। उनकी पत्नी शोभा देवी गृहणी हैं।
गांव के प्रधान प्रतिनिधि संजय यादव बताते हैं कि परिवार के लोगों से शुक्रवार की सुबह उनसे बात हुई थी। उन्होंने बताया कि अब उनकी ट्रेन बस्ती पहुंच गई है। खलीलाबाद आने वाला है। इसके बाद विधि का विधान देखिए कि उनको नींद आ गई। नींद तब खुली जब खलीलाबाद रेलवे स्टेशन से गाड़ी चल चुकी थी।
उन्होंने बताया कि खलीलाबाद में उतर नहीं पाए हैं। अब गोरखपुर से वापस आएंगे, लेकिन जब सीहापार हाल्ट में उन्होंने ट्रेन की गति कम होते हुए देखा तो वह उतरने के प्रयास में ट्रेन की की चपेट में आ गए। कुआनो के तट पर हुआ अंतिम संस्कार : उनकी मृत्यु के बाद गांव के पास ही स्थित कुआनो नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार शनिवार की दोपहर में किया गया। उनके पुत्र दीपक ने उनको मुखाग्नि दी तो लोगों की आखें भर आईं। वह अपने बेटे की धूमधाम से शादी करना चाहते थे, लेकिन आज वही बेटा उनको मुखाग्नि दे रहा था।