- महोत्सव में कबीर पंथी संतों के जरिए भजन का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर महंत विचारदास की अध्यक्षता में कबीर पंथी संतों के जरिए भजन का आयोजन किया गया। जिसका लोगों ने आनंद उठाया। पूरा माहौल कबीर के रंग में रंग गया।
कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी उदादास के जरिए ‘गाए भजन जो सुख पायो, राम भजन में सो सुख नाही’ और ‘अमीरी में और मन लागे मोरा फकीरी में’ भजन गाकर माहौल को कबीरमय बना दिया। इसके बाद गाजीपुर से आईं साध्वी अमृतादास ने भी भजन सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया।
इसके अलावा देवरिया से आए संत भगवान साहेब ने ‘यह तन विष की बेलड़ी’ सुनाया। पहाड़पुर चौरीचौरा से आए संत रामचन्द्र दास ने ‘साधो हरि बिन जग अंधियारा’ सुनाकर लोगों को जीवन के यथार्थ को समझाने की कोशिश की। बस्ती से आईं साध्वी मीरा साहेब ने ‘मन की तरंग मार लो बस हो गया भजन, आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन’ सुनाया।
संत हरिश्चंद साहेब ने ‘सतगुरु के प्रताप से मिट गया दुख...’ सुनाया। वहीं भजन गायक डाॅक्टर हरिशरण शास्त्री ने ‘गुरु दरियाव में नहाने हो, उठा ये सुहागिन भोर घर अंगना’ सुनाया तो माहौल भक्तिमय हो गया।
इस मौके पर एसडीएम सदर शैलेश दूबे, चेयरमैन अनवरी बेगम, संत रामलखनदास उर्फ लाल बाबा, संत केशव दास, चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी, चेयरमैन जगत जायसवाल, अवधेश सिंह, शिवकुमार गुप्त, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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संत कबीर की वाणी को आत्मसात करने की आवश्यकता : विचारदास
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर महोत्सव के संरक्षक महंत विचारदास ने कहा कि संत कबीर की वाणी काे आत्मसात करने से मनुष्य जीवन सफल हो जाता है। कबीर भारतीय दर्शन के प्रवक्ता रहे हैं। कबीर व राम विभिन्न रूप में है। संत कबीर प्रभु राम को सबसे अधिक मानते हैं। उन्होंने महोत्सव में आए लोगो से अपील करते हुए कहा कि महोत्सव में संतों के दर्शन पर ध्यान देने के साथ ही मनोरंजन भी करना है।