घटना की चपेट में आए एसपीओ दफ्तर में तैनात दुर्गेश यादव। दुर्गेश का तबादला बस्ती के लिए हो गया लेकिन अभी वहां ज्वाइन नहीं किया गया हैं।
सिपाही के मुताबिक शुक्रवार दोपहर वह बाइक से मनियरा ढाबे पर खाना खाने जा रहा था। रेलवे लाइन के करीब बाइक रोककर वह खेतों की तरफ लघुशंका के लिए बढ़ा तो आसपास खेतों में मौजूद कुछ लोगों ने चोर-चोर चिल्लाना शुरू कर दिया। इससे जुटी भीड़ उस पर टूट पड़ी।
वर्दी और आर्डकार्ड के हवाले से सिपाही बताने पर भी उसको किसी ने नहीं सुना। सिपाही पर हमलावर हुए लोगों का कहना है कि अचानक बाइक रोककर खेतों से होते हुए आबादी की तरफ बढ़ने से नीयत पर शक होने के कारण ऐसी नौबत आई। अपराधियों के कई दफा खाकी वर्दी इस्तेमाल करने से बताने पर सिपाही होने की बात पर यकीन नहीं हुआ।
मौके पर पुलिस के साथ पहुंचे गोला चौकी के इंचार्ज राजकुमार पांडेय ने बताया कि फोन पर सिपाही की पिटाई की जानकारी मिलने पर फौरन उधर का रुख किया और साथी को बचाकर चौकी तक लाए।
भीड़ पर्स और फोन भी छीन ले गई।
प्रभारी कोतवाल दिनेश यादव ने बताया कि झूठा प्रचार करके सिपाही को निशाना बनाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। साथ ही लोगों को आगाह किया जा रहा है कि किसी को भी अपराधी या चोर समझने या अफवाहे फैलाने की गलती न करें। संदिग्ध महसूस होने पर पुलिस को सूचित करें।