संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को पकड़े गए दोनों युवकों के तार मेंहदावल से जुडे हुए हैं। वहीं का रहने वाला एक व्यक्ति यह कहकर इन युवकों को लाया था कि अस्पताल में स्वीपर के पद पर तैनाती करा देंगे। पहले कुछ जानकारी हासिल कर लो कि किस तरह से काम करना है। यह कहते हुए दोनों युवक फफक पड़े।
पकड़े गए युवकों ने बताया कि मेंहदावल का रहने वाला एक व्यक्ति यह कहकर लाया था कि उसे अस्पताल में संविदा पर स्वीपर की नौकरी दिला देंगे। इसके बाद यहां पर प्लास्टर रूम में लाकर बैठा दिया। यहां मरीजों की दवा आदि खरीदवाने की जिम्मेदारी दे दी। मरीजों की दवा वे लोग बाहर से खरीदवाते थे। उसमें कमीशन तय होता था। इसमें अस्पताल के कर्मी भी शामिल रहते हैं। इसके बाद दोनों युवक फफक पड़े।
एक साल पूर्व भी पकड़े गए थे दो बाहरी युवक
एक साल पूर्व तत्कालीन सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने ओपीडी से दो बाहरी युवकों को पकड़ा था और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया था। लेकिन अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई तहरीर न मिलने पर पुलिस ने युवकों को छोड़ दिया।
सीएमएस डाॅ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि दो बाहरी युवकों को पुलिस को सौंपा गया था। युवक अपना कॅरियर खराब होने की बात करने लगे। इस वजह से उनसे माफीनामा लिखवाया गया है। वे भविष्य में इस तरह का कार्य अस्पताल में नहीं करेंगे। इधर, कलक्ट्रेट चौकी इंचार्ज दिग्विजय सिंह ने बताया कि सीएमएस ने तहरीर नहीं दी। दोनों युवकों से माफीनामा लिखवाया है। उसके बाद युवकों को छोड़ दिया गया।