संतकबीरनगर। सोमवार की सुबह कोहरा छाया रहा। इसके साथ ही पूरे दिन सूर्य बादलों की ओट में छिपे रहे। इससे ठंड में अचानक इजाफा हो गया है। हालांकि, दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन कुछ देर बाद फिर सूर्य बादलों में छिप गए। ऐसे में शाम होते ही राेजमर्रा की जरूरतों के लिए शहर आए लोग घर लौट गए। इससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
सोमवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। लोगों की सुबह की शुरुआत कोहरे से हुई। इसके चलते जो लोग वाहन से सड़क पर निकले, वे लाइट जलाकर चलने के लिए मजबूर हुए।
लोगों को उम्मीद थी कि कोहरा छंटने के बाद धूप निकलेगी। लेकिन, सुबह से ही बादल छा गए। इससे ठंड बढ़ गई। लोगों को ऊनी कपड़े पहनने पड़े। यह स्थिति दोपहर तक बनी रही। इस बीच दोपहर में हल्की धूप खिली तो लोगों को थोड़ी राहत मिली। लेकिन, कुछ देर बाद ही सूर्य बादलों के बीच छिप गए।
इधर, शाम होते ही ठंड में और इजाफा हो गया। इसके कारण लोग जल्द घर लौट गए। इसका असर यह रहा कि सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। दुकानों पर ग्राहक कम दिखाई दिए।
हालांकि, ऊनी कपड़ों का बाजार जरूर गर्म हो गया है। लोग ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़े खरीदते नजर आए। धनघटा से आए सुधीर कुमार, राम हित ने बताया कि जरूरी काम से शहर आए थे। ठंड के कारण जल्दी लौटना पड़ रहा है।
नहीं सक्रिय हुए रैन बसेरे
ठंड बढ़ने के बाद भी अब तक शहर में रैन बसेरे सक्रिय नहीं हो सके हैं। हालांकि, मेंहदावल बाईपास, बंजरिया व जिला अस्पताल में रैन बसेरे चिह्नित हैं। यहां अब तक कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों को रात गुजारने के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शहर के रैन बसेरों को जल्द सक्रिय करा दिया जाएगा। ताकि बाहर से आने वालों व निराश्रितों को ठंड से बचाया जा सके। जल्द ही अलाव की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
-जगत जायसवाल, चेयरमैन नगर पालिका परिषद खलीलाबाद