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Sant Kabir Nagar News: बह गई बालू की भीत...करमैनी-बेलौली बांध पर फिर उभरे रेनकट-रैटहोल

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मेंहदावल में उफनाई राप्ती नदी। संवाद
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मेंहदावल। क्षेत्र में स्थित तटबंध पर बारिश होते ही विभागीय कार्यों की पोल खुलने लगी है। रेनकट व रैटहोल को विभाग ने बलुई मिट्टी से भरवाया था, वह बारिश होते ही बह गए। बारिश से मिट्टी बह गई और बांध पर रेनकट की भरमार हो गई। करमैनी से बढ़या ठाठर व डुमरिया बाबू तक कई स्थानों पर रेनकट व रैटहोल तटबंध के सुरक्षा की पोल खोल रहे हैं। वहीं राप्ती का जलस्तर भी 15 सेमी बढ़ा है।
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क्षेत्र के दयासागर, संदीप सिंह, अब्बास अली, श्रीराम, श्याम करन आदि का कहना है कि ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों ने करमैनी-बेलौली बांध पर रेनकट व रैटहोल भरवाने के लिए काम कराया, लेकिन बलुई मिट्टी से रेनकट भर कर तटबंध को दुरुस्त कर दिया गया। विभाग भी बांध पर रेनकट न होने का दावा करने लगा लेकिन लगातार हो रही बारिश में भरे गए रेनकट की मिट्टी बह गई।
बलुई मिट्टी होने के कारण बारिश का पानी यह मिट्टी नहीं झेल पाया। अब फिर तटबंध पर रेनकट दिखने लगा। दूसरी ओर राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चार दिनों में नदी 75 सेमी ऊपर आ चुकी है, जिससे तटीय इलाकों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
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ड्रेनेज खंड के अनुसार शनिवार को नदी का जलस्तर 75 मीटर था। रविवार को यह 75.30 मीटर और सोमवार सुबह 75.60 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार को फिर 15 सेमी की वृद्धि के साथ नदी 75.75 मीटर पर बह रही है। इस तरह तीन दिन में 60 सेमी और चार दिन में 75 सेमी जलस्तर बढ़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी सिर्फ बारिश का पानी है। अगर नेपाल की तरफ से पानी छोड़ा गया तो जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह मामूली वृद्धि है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कहीं से कोई खतरा नहीं है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में बारिश थमने के साथ जलस्तर नीचे आना शुरू हो जाएगा।

राप्ती के जलस्तर से अभी खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए स्थिति पर नजर रखे हुए है।
-अल्पिता वर्मा, तहसीलदार, मेंहदावल

गेज तक पहुंचकर स्थिर हुई सरयू
लोहरैया। सरयू का जलस्तर गेज तक पहुंचने के बाद दो दिनों से स्थिर है। फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग सतर्कता बरत रहे हैं। एमबीडी बांध पर बने रेनकट की मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक चंद्रेश कुमार सिंह के निरीक्षण के बाद विभाग ने बोरियों में बालू भरकर रेनकट को भरना शुरू कर दिया है। बांध के कई स्थानों पर एक साथ मरम्मत का कार्य चल रहा है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार का खतरा न रहे।
ग्रामीण चंद्रभान, रमेश, सत्य प्रकाश और पप्पू ने बताया कि नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है और डरने जैसी कोई बात नहीं है। उनका कहना है कि बाढ़ से पहले पुरानी नावों की मरम्मत कराई जाए और जरूरत के अनुसार नई नावों की व्यवस्था भी कराई जाए। इससे बाढ़ के दौरान लोगों के आवागमन में परेशानी नहीं होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कराने की मांग की है। ताकि आपात स्थिति में लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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