- मेंहदावल में विश्व हिंदू परिषद ने दुर्गाष्टमी पर आयोजित की बैठक
- शस्त्र पूजन कर दिया नारी शक्ति का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। पार्वती कन्या इंटर कॉलेज सोनौरा में रविवार को विश्व हिंदू परिषद द्वारा दुर्गा वाहिनी मातृत्व शक्ति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित दुर्गाष्टमी पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन की बैठक भी बुलाई गई। मुख्य वक्ता मातृशक्ति व दुर्गा वाहिनी की प्रांत पालक कविता त्रिपाठी ने सनातन संस्कृति और सभ्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता विकास का मुख्य आधार है।
सीएचसी मेंहदावल की डॉक्टर रूपम मिश्रा ने स्वास्थ्य शिक्षा तथा नारी सशक्तिकरण पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहाकि वर्तमान समय में स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति महिलाओं के साथ ही समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है। आज नारी नई ऊंचाई तय कर रही है। धरती से लेकर आकाश तक महिलाओं ने नया इतिहास लिखने का कार्य किया। हर क्षेत्र में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही है।
मातृशक्ति व दुर्गा वाहिनी की प्रांत पालक कविता त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति व सभ्यता विश्व की सर्वाधिक प्राचीन व समृद्धि संस्कृति सभ्यता है। इसे विश्व की सभी संस्कृतियों की जननी माना जाती है। जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद रविंद्र नाथ सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है। यह माना जा सकता है कि भारतीय संस्कृति यूनान रोम मिश्र और चीन की संस्कृतियों के समान ही प्राचीन है। कई भारतीय विद्वान भारतीय संस्कृति को विश्व की सर्वाधिक प्राचीन संस्कृति मानते हैं और यही सत्य है।
कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी प्रांत सह संयोजक समीक्षा चतुर्वेदी, रेनू अग्रहरि नगर, रणधीर सिंह, महेंद्र नाथ सिंह, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।