समाधान दिवस में फरियाद करते हुए रो पड़ा पीड़ित
जमीन के मामले में एक वर्ष से प्रार्थनापत्र दे चुके हैं रामसमुझ
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धनघटा तहसील में डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी सत्यजीत गुप्त फरियाद सुन रहे थे। इस दौरान एक पीड़ित पहुंचा और कहा कि साहब! बेटे के कातिल को धनघटा पुलिस बचा रही है। कातिल उसे मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस नहीं सुन रही है। इसके बाद वह रो पड़ा। इस पर एसपी ने सीओ और एसओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह से जमीन के विवाद के मामले आए।
धनघटा के मुठही खुर्द गांव निवासी राजकुमार ने कहा कि 18 दिसंबर 2023 को उनके 17 वर्षीय बेटे शिवम को रुपिन के पास स्थित एक होटल में साजिश के तहत कुछ लोगों ने बुलाया। शिवम जब वहां पहुंचा तो सात-आठ की संख्या में लोग लाठी-डंडा, हाॅकी, राॅड लेकर उस पर टूट पड़े। जान बचाकर भागा तो पीछा करके उसे पकड़ कर इस कदर पिटाई की कि घटना के 24 घंटे बाद लखनऊ के ट्राॅमा केंद्र में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में कार्रवाई के लिए नामजद तहरीर दी। पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार न करके केवल तीन लोगों को पकड़ कर जेल भेजने के बाद चुप्पी साध ली। जबकि, मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। जान-माल की धमकी दे रहे हैं।
धनघटा के गायघाट दक्षिणी गांव निवासी राम समुझ ने कहा कि उनकी जमीन पर गांव के कुछ लोग जबरन कब्जा किए हुए हैं। जमीन को खाली कराने के लिए एक वर्ष से प्रार्थनापत्र दे रहा हूं। लेकिन, समस्या जस की तस है। अधिकारी आश्वासन देते हैं और कुछ नहीं करते हैं। अब उनका भरोसा प्रशासन से टूट रहा है। ऐसे में उनकी समस्या का निदान किया जाए। इस पर डीएम ने एसडीएम को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी तरह से रामपुर दक्षिणी गांव निवासी रामनिवास ने कहा कि उनके गांव के सार्वजनिक रास्ते को गांव के कुछ दबंग किस्म के लोग महीनों से बंद किए हुए हैं। इसे खुलवाने के लिए कई बार प्रार्थनापत्र दे चुका हूं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मेंहदावल तहसील पर बनखोरिया निवासी राम मूरत उर्फ झिनक ने कहा कि गांव में ही उसकी कृषि योग्य भूमि है। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। गांव के ही कुछ दबंग जमीन पर अतिक्रमण कर लिए हैं। जब उसने जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए उन लोगों से बात की तो दबंगों ने जान-माल की धमकी देकर उसे भगा दिया। महीनों से वह न्याय के लिए चक्कर काट रहा है। लेकिन, न्याय मिलने की जगह उसे केवल तहसील से लेकर थाने तक के अधिकारियों की परिक्रमा करनी पड़ रही है। एडीएम ने एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
109 मामले आए और मात्र तीन का निस्तारण
संतकबीरनगर। तीनों तहसीलों में कुल 109 मामले आए और उसमें से तीन का निस्तारण हो सका। धनघटा तहसील में डीएम और एसपी ने फरियाद सुनी। यहां पर कुल 40 मामले आए। इसमें से एक का निस्तारण हुआ। इस अवसर पर सीएमओ डाॅ. रामानुज कन्नौजिया, एसडीएम धनघटा उत्कर्ष श्रीवास्तव, सीओ धनघटा केशव नाथ, तहसीलदार धनघटा योगेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
खलीलाबाद तहसील में सीडीओ संत कुमार ने फरियाद सुनी। यहां पर कुल 49 मामले आए और एक का निस्तारण किया गया। इस दौरान एसडीएम शैलेश दूबे, सीओ ब्रजेश सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
मेंहदावल तहसील में एडीएम जय प्रकाश ने समस्या सुनी। यहां पर 20 मामले आए और एक निस्तारण हुआ। इस अवसर पर एएसपी शशि शेखर सिंह, एसडीएम अरुण वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।