संतकबीरनगर। बेलहरकला कला थाना क्षेत्र के भेला खर्ग कला गांव में मिले नर कंकाल की पहचान के लिए मां और बेटे का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। क्योंकि भेला खर्ग कला गांव की एक महिला ने यह दावा किया था कि वह नर कंकाल उनके पति का है। इस संबंध में बेलहरकला थानाक्षेत्र में गुमशुदगी भी दर्ज है।
गत 12 जनवरी को भेलाखर्ग कला गांव में लकड़ी एकत्रित करने गए गांव के लोगों को झाड़ियों में कंकाल दिखा था। जिसकी सूचना के बाद गांव वालों की भीड़ लग गई। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कंकाल के आसपास शर्ट, चप्पल, तौलिया, चुनौटी और दाढ़ी बनाने वाला रेजर भी पाया गया। जिसके आधार गांव निवासी सावित्री देवी ने कंकाल को अपने पति रामनरायन का होने का दावा किया।
वह जुलाई 2024 से गायब चल रहे थे और इस संबंध में बेलहरकला थाने पर उनकी गुमशुदगी दर्ज थी। इसके बाद पुलिस ने कंकाल को एकत्रित करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने सावित्री के दावे की पुष्टि तथा कंकाल की सही जानकारी के लिए डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया। पुलिस की तरफ से सावित्री देवी एवं उनके बेटे मनजीवन का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में दाखिल करा दिया गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच की यह रिपोर्ट तकरीबन दो माह बाद आएगी।
तीन पारिवारिक सदस्यों की हुई थी सैंपलिंग
कंकाल की सही पहचान के लिए पुलिस की तरफ से भेलाखर्ग कला गांव की निवासी सावित्री देवी, उनके बेटे मनजीत एवं सावित्री के पति रामनारायन के भाई रामदास की डीएनए सैंपलिंग कराकर डीएनए जांच के लिए भेजा गया था। जानकारों की मानें तो प्रयोगशाला में सिर्फ मां-बेटे का ही सैंपल दाखिल हो पाया। वहीं रामनरायन के भाई रामदास का सैंपल वापस कर दिया गया। इसके संबंध में विशेषज्ञों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि एक डीएनए जांच में सिर्फ दो पारिवारिक सदस्यों का सैंपल ही जांच के लिए लिया जाता है।
कोट
भेला खर्ग कलां गांव में मिले नर कंकाल की पहचान के लिए डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में मां और बेटे का सैंपल पुलिस की तरफ से दाखिल किया गया है। डीएनए जांच रिपोर्ट आने के बाद कंकाल की सही पहचान हो पाएगी और पुलिस जांच को गति मिल सकेगी।
-सुशील कुमार सिंह, एएसपी