संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के एचआरपीजी कॉलेज के पास चल रही फन लैंड प्रदर्शनी में करंट लगने से कानपुर के एक युवक की बृहस्पतिवार की देर शाम मौत हो गई। प्रदर्शनी में युवक एक लंदन ब्रिज झूले पर काम कर रहा था। वह परिसर में लगे एक मिक्की माउस, बच्चों के सरकने वाले झूले में बिजली का प्लग लगाने चला गया था। इस दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने संचालक पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। वहीं युवक की मौत के बाद प्रदर्शनी में सुरक्षा-व्यवस्था और रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
यहां 15 दिन पूर्व भी एक झूले में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे अचानक झूला रुक गया था। इसके बाद उस पर सवार लोगों को काफी मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया। लोगों के अनुसार उस समय झूला करीब 100 फीट की ऊंचाई पर रुक गया था। झूले में सवार लोग आधे घंटे से अधिक समय तक हवा में फंसे रहे। बाद में तकनीकी टीम ने काफी मशक्कत के बाद सभी को नीचे उतारा था।
इसके बाद मेले में मौजूद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, लेकिन कुछ समय बाद फिर से झूले का संचालन शुरू कर दिया गया।
बृहस्पतिवार की शाम इसी प्रदर्शनी के एक जंपिंग झूले पर कार्यरत सागर पुत्र प्रेमचंद निवासी नौबस्ता, कानपुर नगर की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इससे पहले अन्य कर्मियों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रदर्शनी आयोजक कानपुर के मोहम्मद रईस ने बताया कि सागर परिसर में लगे एक मिकी माउस झूले का बिजली का प्लग लगा रहा था। इस दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उधर पुलिस ने जिला अस्पताल से मेमो मिलने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली खलीलाबाद अपराध निरीक्षक विरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों की ओर से अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
सवालों के घेरे में मेले की सुरक्षा-व्यवस्था
फन लैंड प्रदर्शनी में करंट की चपेट में आने के बाद कर्मचारी की मौत के बाद सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि झूले का संचालन शुरू करने से पहले नियमित तकनीकी परीक्षण और विद्युत सुरक्षा की जांच अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। आयोजक मोहम्मद रईस ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से 20 मई से लेकर 10 जुलाई तक अनुमति मिलने के बाद मेला लगाया गया है। वहीं पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिजनों ने संचालक पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बेटे की मौत के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मायूस होकर परिजन शव लेकर कानपुर चले गए।