संतकबीरनगर। शहर को सेफ सिटी बनाने के लिए प्रशासन की तरफ से कार्ययोजना बनाई गई। जिनमें प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण, सड़को को गड्ढामुक्त करने और शहर को सीसीटीवी कैमरे से लैस करने की योजना थी। करीब एक साल बीत गए, लेकिन अब तक इस दिशा में कार्य नहीं हो सका है। वहीं पुरानी सब्जी मंडी में पटरियों को ऊंचा करने की योजना भी अब तक लटकी हुई है। जिसके कारण शहर को सेफ सिटी के तहत विकसित किए जाने की योजना नजर नहीं आ रही है।
नगर पालिका की आबादी करीब एक लाख के ऊपर पहुंच गई है। 25 वार्डों में बंटे शहर को सेफ सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने कई प्रस्ताव तैयार किए। इनमें प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण कराया जाना है, लेकिन अब तक सिर्फ मेंहदावल बाईपास पर सुंदरीकरण का कार्य हो पाया है।
यहां फव्वारा, झूमर और पाथ-वे का निर्माण हुआ है, लेकिन अन्य चौराहों पर अब भी कार्य नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि आजाद चौक, मुखलिसपुर तिराहा, बैंक चौराहा, शुगर मिल चौराहा पर अब भी उपेक्षित पड़ा हुआ है। ऐसे में आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। कई योजनाएं तो धरातल पर ही नहीं दिख रही हैं।
शहर की सड़कें नहीं हो सकी गड्ढा मुक्त
शासन ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कई सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। विधियानी से रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील है।
इस मार्ग से आवागमन में लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। ऐसी ही स्थिति बैंक चौराहा से नेदुला बाईपास को जोड़ने वाली सड़क की भी है। इस सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं। सड़क पर बने गड्ढों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस संबंध में ईओ अवधेश कुमार ने बताया कि गड्ढों को पूर्व में भरवाया गया था। फिर गड्ढे बन गए हैं, जल्द ही इसे भरवा दिया जाएगा।