संतकबीरनगर। विकासखंड हैंसर बाजार के सांसद के गोद लिए ग्राम पंचायत जिगिना में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कई विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। जो पहुंचे भी वह बैठक की खानापूर्ति करने के बाद लौट गए। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जाने वाली जनता को निराश होकर घर लौटना पड़ा।
ग्राम पंचायत जिगिना को सांसद प्रवीण निषाद ने वर्ष 2020-21 में गोद लिया था। इस गांव की समस्याओं का समाधान करने और शासन के जरिये संचालित योजनाओं का लाभ गांव के लोगों को दिलाने की जिम्मेदारी 28 विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों पर है। गांव के लोगों की समस्या का समाधान कितना हुआ इसका प्रमाण वहां बना ओवरहेड टैंक दे रहा है। गांव वालों का कहना है कि टैंक का निर्माण वर्ष-2021 में ही पूर्ण हो गया, लेकिन जब ओवरहेड टैंक का ट्रायल हुआ तो पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण लोगों के दरवाजों पर लगी टोंटी तक पानी नहीं पहुंच सका।
इन्हीं सब विकास कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने सोमवार को गांव में बैठक बुलाई थी। बैठक में सीएमओ, प्रभागीय वनाधिकारी, परियोजना निदेशक, उपनिदेशक कृषि, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड-2, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, उप जिलाधिकारी धनघटा, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी समेत 28 विभागों के अधिकारियों को बैठक में शामिल होना था।
बैठक में दोपहर करीब 12 बजे डीसी मनरेगा जीशान रिजवी, डीपीआरओ प्रमोद यादव तो पहुंचे, लेकिन किसी अन्य विभाग के अधिकारी दिखाई नहीं दिए। बैठक में भाग लेने आए जिगिना गांव निवासी भाने निषाद, राम उजागिर, कौशल्या, भानमती, संध्या, सुभावती आदि ने बताया कि उनको अभी तक प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल सका है, जबकि छप्पर के मकान में रहना मजबूरी है।
गांव वालों का कहना है कि घनी आबादी के कारण गांव में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। आंगनबाड़ी केंद्र से दो माह से पात्रों को पोषाहार नहीं मिल रहा है। पिछली बार सांसद के मौजूदगी में बैठक हुई थी, तो गांव में पानी की समस्या से उनको अवगत कराया गया था। इसके बाद भी जल निगम के लोग आज तक ओवरहेड टैंक से पानी की सप्लाई शुरू नहीं कर सके।
बैठक के संबंध में दो दिन पहले जानकारी दी गई थी कि जिले के प्रभारी मंत्री बैठक में आ रही है। सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहेंगे। गांव के लोग 10 बजते ही प्राथमिक विद्यालय स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। बाद में आए कुछ अधिकारी बैठक की खानापूर्ति को पूरा किया और चल दिए।
गांव वालों का कहना है कि जब सांसद के जरिये गोद लिए जाने वाले इस गांव की हालात यह है तो साधारण गांव में यह अधिकारी कर्मचारी किस तरह सरकारी योजनाओं का संचालन करने में रूचि लेते होंगे यह तो वही बता पाएंगे। सीडीओ संत कुमार ने बताया कि सांसद आदर्श गांव जिगिना में डीसी एनआरएलएम जीशान रिजवी उनके प्रतिनिधि के तौर पर गए थे। इसके अलावा अन्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने - अपने विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही रिपोर्ट मांगी गई है कि वहां क्या- क्या कार्य शेष है और कितने लोग किस योजना से वंचित है। एक सप्ताह बाद सांसद की अध्यक्षता में फिर गांव में चौपाल लगाई जाएगी।