मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। इसमें बाल वाटिका व कक्षा-एक में प्रवेश लेने वाले बच्चों की पढ़ाई शुरू करने से पहले ही उन्हें स्कूल के लिए तैयार करने का प्रयास शिक्षक निर्धारित समय सारिणी में पूरा करने में लगे हैं।
बीईओ महेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में 12 सप्ताह का विद्या प्रवेश या स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम चलाया जाए। एनसीईआरटी 12 सप्ताह विद्या प्रवेश के रूप में गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दे रहा है। इसमें पांच से छह साल के बच्चे बाल वाटिका में गतिविधि आधारित भाषा व अंक दक्षता के बारे में जानकारी लेंगे। बाल वाटिका व कक्षा एक में प्रभावी किया जा रहा है। 15 अप्रैल से अगस्त तक यह अभियान चलाया जाएगा। स्कूल में बच्चों को खेलकूद, कविता पाठ, कलात्मक गतिविधियों, कहानी आदि के माध्यम से पढ़ाई में जोर दिया जाए।
विद्यालय में लैब एरिया चिह्नित करते हुए गतिविधियां की जाएं। बिगबुक से बच्चों को फल, शब्द, नंबर व जानवर आदि का ज्ञान कराया जाए। विद्या प्रवेश कार्यक्रम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लागू कराना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा गत वर्षों में खरीदे गए टीएलएम सामग्री नोडल शिक्षक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।