महुली क्षेत्र के रामपुर के निवासी आरपीएसएफ जवान के तांडव से गांव के लोग सहम गए। बुधवार को जवान ने पहले अपने पट्टीदार पर लोहे की राड से प्रहार कर घायल कर दिया, फिर महुली में एक स्कूल वाहन के चालक की पिटाई कर दी। इसके बाद आसपास के लोगों ने जवान को पीटा और पुलिस को सौंप दिया।
रामपुर में रविवार रात गांव निवासी आरपीएसएफ जवान इंद्रेश चौधरी पुत्र भगवानदास गांव के ही एक व्यक्ति के घर में जबरियां घुस गया था। सूचना पर पुलिस उसे थाने ले गई। सोमवार सुबह उसने थाने से भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में उसका चालान कर दिया गया। मंगलवार को रिहा होने के बाद वह अपने गांव पहुंचा। आरोप है बुधवार सुबह उनके पट्टीदार रामसजीवन (55) पुत्र रामानंद अपने बरामदे में चाय पी रहे थे। इसी दौरान इंद्रेश ने उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने उसे पकड़ने के लिए दौड़ाया तो वह महुली भाग गया।
यहां उसने स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक मैजिक को रोककर उसे खलीलाबाद छोड़ने का दबाव बनाने लगा। चालक द्वारा मना करने पर उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह देखकर आसपास के लोगों ने जवान की पिटाई शुरू कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नाराज भीड़ के चंगुल से बचा कर जवान को हिरासत में लेकर थाने गई। इधर, रणजीत चौधरी ने गांव के रहने वाले आरपीएसएफ के जवान इंद्रेश चौधरी पर अपने पिता रामसजीवन पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने जवान के खिलाफ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर देने का केस दर्ज किया है।
आरोपी जवान के घर वालों का आरोप था कि इंद्रेश पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में हैं। इसी कारण उसे आरपीएसएफ से इलाज के लिए छुट्टी मिली है। एसओ जेएन त्रिपाठी ने बताया कि आरपीएसएफ के जवान ने गांव के रामसजीवन पर हमला कर दिया है। जिससे घायल के नाक पर काफी चोट आई और जिला अस्पताल रेफर हो गया है। महुली में भी एक स्कूल वाहन के चालक से हाथापाई कर ली। घायल रामसजीवन को सीएचसी नाथनगर से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। इस मामले में घायल के पुत्र की तहरीर पर जवान इंद्रेश पर केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया।