सांथा। दो जिलों संतकबीरनगर-सिद्धार्थनगर की सीमा को जोड़ने वाले सांथा में शाम सात बजे के बाद जिला मुख्यालय जाने के लिए कोई बस नहीं है। गोरखपुर डिपो की बसें भी इस रूट पर देर रात नहीं मिलती हैं। जबकि मेंहदावल-बांसी रूट पर पड़ने वाले सांथा से जिला मुख्यालय व अन्य स्थानों को जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।
शाम सात बजे के बाद सरकारी बस न होने से सवारियों को निजी वाहनों की तलाश में इधर से उधर भटकना पड़ता है। हालांकि शाम 6:00 बजे तक इस रूट से बसें जाती हैं लेकिन वह भी अक्सर समय पर नहीं मिलती है। यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
जिला मुख्यालय से बहुत अधिक संख्या में लोग सांथा काम करने के लिए आते हैं और शाम को वापस निकल जाते हैं। इसमें प्राइवेट कर्मचारी भी शामिल हैं। शाम सात बजे के बाद रोडवेज की कोई बस नहीं मिलने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर में प्राइवेट बसों का भी संचालन होता है। इनका कोई निजी बस स्टैंड नहीं है।
बसों को सड़कों पर ही खड़ी कर देते हैं और वहीं से सवारियां भरी जाती हैं। शाम होने पर प्राइवेट बसों का संचालन भी बंद हो जाता है। ऐसे में नगर से बाहर जाने व आने के लिए लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सांथा-मेंहदावल, सांथा-नंदौर बाया मंडल मुख्यालय बस्ती, सांथा सिद्धार्थनगर जनपद की सीमा से लगा हुआ है। इन सभी मार्गों पर प्राइवेट बसों का संचालन भी होता है। क्षेत्रवासियों ने कई बार क्षेत्रीय नेताओं से भी आग्रह किया है। अधिकारियों से भी मांग की है लेकिन अभी तक इस ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
शाम सात बजे के बाद सांथा से जिला मुख्यालय के लिए कोई बस नहीं है। बस की संख्या बढ़ने पर ही इस रूट पर बसें उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
-कल्पना श्रीवास्तव, एआरएम बस्ती डिपो