- जिला मुख्यालय, बस्ती और गोरखपुर जाने के लिए समय और अधिक रुपये की बर्बादी
- निजी वाहन चालक वसूलते हैं मनमाना किराया, लोगों ने की बस चलवाने की मांग
सांथा। स्थानीय कस्बे से शाम होने के बाद के बाद जनपद और मंडल मुख्यालय जाने के लिए परिवहन निगम की कोई बस नहीं है। गोरखपुर डिपो की बसें भी इस रूट पर देर शाम नहीं मिलती हैं। मेंहदावल-बांसी रूट पर पड़ने वाले सांथा कस्बे से जिला मुख्यालय व पड़ोसी जिले और अन्य स्थानों को जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।
जनपद के उत्तरी क्षोर पर स्थित सांथा ब्लाक मुख्यालय पर जनपद, मंडल मुख्यालय बस्ती व गोरखपुर, सिद्वार्थनगर के लिए व्यापारी, मरीज, छात्र, अधिकारी-कर्मचारी अपने गंतव्य स्थानों पर जाने के लिए वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते हैं। शाम तक काम कर वापस जाने के लिए सांथा से शाम 6 बजे के बाद कोई रोडवेज बस नहीं मिल पाती है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्राइवेट वाहनों का भी संचालन होता है। इनका भी कोई निजी स्टैंड नहीं है। सड़कों पर ही खड़े होकर सवारियां भरी जाती हैं। शाम होने पर प्राइवेट बसों का संचालन बंद हो जाता है। ऐसे में नगर से बाहर जाने व आने के लिए साधन जुटाना टेढ़ी खीर हो जाता है। क्षेत्र में सांथा-मेंहदावल, सांथा-नन्दौर, सांथा-बांसी की सीमा से लगा हुआ है। इन सभी मार्गों पर प्राइवेट बसों का संचालन भी होता है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की, लेकिन अभी तक इस ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
विकास खंड क्षेत्र सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर को जोड़ता है। दिन डूबने के बाद रोडवेज की बस नहीं मिलती है। निजी वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं। - मुकेश यादव, सांथा
यह समस्या कई वर्षों से है। इसके लिए अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थित जस की तस है। शाम होने के बाद निजी वाहन ही सहारा हैं। - देवेंद्र यादव, देवकली
दिन डूबने के बाद रोडवेज बस नहीं मिलती है। ग्रामीणों को केवल प्राइवेट बसों का सहारा रहता है, जो मानमाना किराया वसूलते हैं। - जुनैद अहमद, परसवनिया
शाम छह बजे के बाद सांथा से जिला मुख्यालय के लिए कोई बस नहीं है। बस की संख्या बढ़ने पर इस रूट पर बसें बढ़ाई जाएंगी। - आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती डिपो