धनघटा। अयोध्या से जनकपुर तक का सफर आसान करने के लिए रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। मार्ग के निर्माण में जुटे जिम्मेदार 15 किलोमीटर की दूरी में एक ही साथ सड़क को खोद डाली है, जिससे उठ रहे धूल के गुबार ने राहगीरों की यात्रा को मुश्किल भरा बना दिया है।
रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य करीब छह माह से चल रहा है। कार्यदायी संस्था ने जिले की सीमा रामपुर बारहकोनी से सड़क को तोड़ना शुरू किया जो 15 किलोमीटर दूर धनघटा तक पहुंच गया है। उधर अपनी जमीन का मुआवजा न मिलने के कारण परसा में किसानों ने सड़क के निर्माण कार्य को रोक दिया। उसके बाद परसा सिवान को छोड़कर सड़क का निर्माण आगे शुरू किया गया।
सड़क पर कच्छपगति से मिट्टी डाली जा रही है, जिससे परेशानी बढ़ गई है। राहगीर मोहम्मद रफीक, रमेश सोनकर, शंभू दयाल, रामनिवास, कुलदीप चौहान आदि ने बताया कि तोड़कर छोड़ी गई सड़क पर कहीं मिट्टी डाली जा रही है, तो कहीं वैसे ही खुदी हुई सड़क पड़ी हुई है। इस मार्ग से वाहन जब गुजरते हैं तो धूल का गुबार उठता है, जिससे पैदल, साइकिल, बाइक से चलने वाले यात्रियों की आंख में उड़कर धूल जब पड़ती है तो उनका आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है।
यह स्थिति तब है जब धनघटा में थाना, तहसील, सब रजिस्ट्रार कार्यालय, वन विभाग का दफ्तर, भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा होने की वजह से क्षेत्र के लोगों की आना-जाना मजबूरी है। यात्रियों का कहना है कि मिट्टी डाली गई या खोदकर छोड़ी गई सड़क पर बराबर पानी डाला जाए तो उतनी धूल नहीं उड़ेगी।
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सड़क जितनी दूरी में खोदी गई है, इतनी दूर में पानी डालने का काम किया जा रहा है। अगर कहीं पानी नहीं पड़ा है तो पता करके कार्रवाई की जाएगी।
-अरविंद कुमार पोरवाल, सहायक अभियंता, एनएच