बदल रहा खलीलाबाद
फोटो सहित
रिंग रोड बनने से धनघटा, आंबेडकरनगर, वाराणसी आने-जाने में मिलेगी सहूलियत
नौ किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण पर खर्च होंगे 29 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर बदल रहा है। भुवरिया से पायलपार तक रिंग रोड के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। इस पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही बालूशासन से भुवरिया को भी रिंग रोड से जोड़ने की योजना है। इस मार्ग के बनने से धनघटा, आंबेडकरनगर, वाराणसी आदि के लिए आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। इससे शहर में वाहनों की आवाजाही कम होगी और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
खलीलाबाद शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। इसके साथ ही शहर का तेजी से विकास हो रहा है। इसके कारण शहर में वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इसको देखते हुए प्रशासन ने बालूशासन से भुवरिया-पायलपार रिंग रोड बनाने की पहल की है। भुवरिया से पायलपार तक करीब नौ किलोमीटर की सड़क पूर्व में बनी हुई है, जो जर्जर हो चुकी है। इस मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कराए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इस पर 29 करोड़ 28 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इसमें से प्रथम किस्त के रूप में छह करोड़ 73 लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं।
धन मिलने के बाद अब भुवरिया पायलपार के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। इस मार्ग के दोनों पटरियों पर गिट्टी गिराकर उसे लोडर से दबाया जा रहा है।
बालूशासन से भुवरिया को जोड़ने की भी है योजना
रिंग रोड वैसे तो बालूशासन से होकर भुवरिया होते हुए पायलपार तक जाना है, लेकिन बालू शासन से भुवरिया तक जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी है। जबकि भुवरिया से पायलपार तक नौ किलोमीटर की सिंगल लेन की सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। इस सड़क के बनने से धनघटा, आंबेडकरनगर, बनारस जाने वाले लोगों को शहर में नहीं आना पड़ेगा। इससे शहर को जहां जाम से निजात मिलेगी, वहीं, लोगों को बेहतर सड़क मिलने से आने-जाने में आसानी होगी।
मीरगंज में प्रस्तावित है बस डिपो
भुवरिया के पास मीरगंज में बस डिपो प्रस्तावित है। इसकी मंजूरी के लिए प्रशासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रिंग रोड के नजदीक होने से लोगों काे आसानी से बसें भी मिल जाएगी।
कोट
भुवरिया से पायलपार मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू हो गया है। पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द कार्य को पूर्ण कराया जाए। ताकि लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिल सके।
-राकेश पांडेय, एक्सईएन लोनिवि