टूटी हुई मुखलिसपुर नहर का मरम्मत करते मजदूर
महुली। अलीनगर के पास शनिवार को टूटी मुखलिसपुर नहर के मरम्मत का कार्य रविवार को शुरू हो गया है। टूटी नहर की मरम्मत से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली। लोगों ने धान की नर्सरी और पशुओं के लिए खेतों में तैयार चारे के नुकसान के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को मुखलिसपुर नहर के टूटने से नाथनगर, अलीनगर, नोक्ता सहित आसपास के गांवों के चारों ओर पानी भर गया। कटान के चलते गांव के सीवान भी डूब गए, जिससे किसानों के खेत में डाली गई धान की नर्सरी और पशुओं के लिए तैयार चारा डूबकर बर्बाद हो गया। किसान धान की रोपाई को लेकर चिंतित हैं। किसान रामबृक्ष, अवधेश, राम मूरत आदि का कहना है कि धान की नर्सरी बर्बाद हो जाने से धान की रोपाई पर संकट आ गया है। पशुओं का चारा डूबने से पशुपालक भी चिंता में हैं। लोगों ने विभागीय जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूर्ण कराने की मांग की है। संवाद