संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश लगातार जारी है। शुक्रवार को भी दिनभर रिमझिम बारिश होती रही। इसके चलते परिषदीय स्कूलों को बंद कर दिया। शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
इससे जन जीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। बारिश से कहीं राहत मिली है तो आफत की स्थिति बनी हुई है। जिले में 24 घंटे में 26 एमएम बारिश हुई है। प्रशासन की ओर से कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
बुधवार की रात से ही अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बृहस्पतिवार को भी बारिश का सिलसिला नहीं टूटा। शुक्रवार को भी रिमझिम बारिश होती रही। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जो लोग जरूरी काम से निकल रहे हैं, वह भी भीग जा रहे है। शहर में जगह-जगह जलभराव व कीचड़ हो गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि शहर के मेंहदावल बाईपास, जिला अस्पताल के सामने, बरई टोला आदि क्षेत्रों में जलभराव देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बादिश के चलते तापमान में 24 घंटे में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
बारिश के चलते शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई, जबकि शनिवार को भी कक्षा आठ तक के बच्चों की छुट्टी रहेगी। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय बंद रहेंगे।
तेज हवाओं ने बढ़ाई किसानों की चिंता ः धनघटा। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश धान व गन्ने की फसल के लिए कहीं जगह संजीवनी बन गई तो कहीं तेज हवा से फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा से किसानों की चिंता बढ़ गई। क्षेत्र में बुधवार की रात से बारिश हो रही है जो शुक्रवार को पूरे दिन चलती रही। बारिश के साथ चली तेज हवाओं से फसलों के जमीन पर लेटने की आशंका बढ़ गई है।
शुक्रवार की शाम तक तेज हवाओं के साथ बारिश का क्रम जारी है। किसानों के मुताबिक जिन खेतों में धान की बालियां निकल चुकी हैं वहां फसल गिरने से नुकसान की आशंका है। हालांकि क्षेत्र के अधिकांश किसान राम सुमेर, हरिनंदन, राम संवारे, अंगद प्रसाद आदि ने क्षेत्रों में हुई बारिश को फसलों के लिए लाभकारी भी बताया।
इस समय क्षेत्र में धान की फसल तेजी से बढ़ रही है जबकि गन्ने की फसल भी खेतों में तैयार हो रही है। बारिश से दोनों फसलों को पर्याप्त नमी मिलने के साथ सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहा तो बारिश से पैदावार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
किसानों की नजर अब अगले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी है, क्योंकि तेज हवा के साथ लगातार बारिश होने पर खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है।