संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। चालक को छोड़कर छह से अधिक सीट क्षमता वाले निजी वाहनों की हर वर्ष फिटनेस कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद लागू इस निर्णय से व्यक्तिगत और पारिवारिक उपयोग में आने वाले बड़े निजी वाहनों के स्वामियों को राहत मिलेगी। अब ऐसे वाहन स्वामियों को प्रत्येक वर्ष फिटनेस के लिए परिवहन कार्यालय की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह जानकारी एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने दी।
एआरटीओ प्रियवंदा सिंह ने बताया कि पूर्व व्यवस्था के तहत चालक को छोड़कर छह से अधिक सीट क्षमता वाले निजी वाहनों की सालाना फिटनेस कराना अनिवार्य था। इसके चलते व्यक्तिगत और पारिवारिक उपयोग में आने वाले वाहनों के स्वामियों को भी हर वर्ष फिटनेस प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से समय और धन दोनों की बचत होगी और परिवहन विभाग से जुड़ी प्रक्रिया भी सरल होगी। जिले में 1,059 वाहन शामिल हैं। इन सभी वाहनों के स्वामियों को वार्षिक फिटनेस की बाध्यता से राहत मिलेगी। यह छूट केवल निजी वाहनों पर लागू होगी। परिवहन या व्यावसायिक वाहनों तथा ऐसे वाहनों, जिन पर अलग से फिटनेस, परमिट या अन्य वैधानिक प्रावधान लागू हैं, उनके लिए संबंधित नियम पूर्व की तरह प्रभावी रहेंगे।