संतकबीरनगर। रेलवे स्टेशन पर कपड़ा व्यवसायी को बुरी तरह से पीटने के बाद हुई मौत के मामले में मुख्य आरोपी शिरीष के परिवार के लोग ही नहीं बल्कि रिश्तेदार भी शामिल थे। इन्होंने 17 मार्च को गोरखपुर के गीडा थानाक्षेत्र के गाहासाड़ में बवाल कर पुलिस को बैकफुट पर जाने को मजबूर किया था। 22 दो पहिया और चार पहिया वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई थी।
19 मार्च को गाहासाड़ में मारपीट करने के लिए संतकबीरनगर, फैजाबाद और महराजगंज के लोगों को फोन कर बुलाया गया था। सूत्र बताते हैं कि वहां पर हुई मारपीट में कई लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने जब दबिश देनी शुरू की तो वे सभी सुरक्षित ठिकाना बनाकर शिरीष के घर छिपे थे। 19 मार्च की रात में जब घटना हुई तब शिरीष ने घर पर फोन किया। इस दौरान उसके घर के लोगों के साथ ही मौके पर शरण लिए उसके रिश्तेदार भी पहुंच गए।
आपराधिक प्रवृत्ति के रिश्तेदारों ने पहुंचकर कपड़ा व्यवसायी की बुरी तरह से पिटाई की और अधमरी अवस्था में पहुंच गया। इस घटना के बाद यहां पर शरण लिए हुए उसके रिश्तेदार भी लापता हो गए हैं।