संतकबीरनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को पूर्णतः नकलविहीन, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। परीक्षा शुरू होने से पहले जिले के सभी 94 परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं का विस्तृत ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी या प्रशासनिक कमी को समय रहते पहचानना और उसे दूर करना है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद इस वर्ष परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी प्रणाली लागू की जा रही है। विशेष रूप से, सीसीटीवी, वॉइस रिकॉर्डर और कंट्रोल रूम से जुड़ी निगरानी व्यवस्था की गहन जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा के दौरान गड़बड़ी या लापरवाही की गुंजाइश न रहे। जिले में 94 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन परीक्षाओं में हाई स्कूल और इंटर के कुल 54,240 परीक्षार्थी भाग लेंगे।
केंद्रों की प्रारंभिक जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब परीक्षा से पूर्व सभी केंद्रों पर ट्रायल रन चलाया जाएगा। यह कार्य जिला विद्यालय निरीक्षक के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा संपन्न किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमी को तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान यदि किसी केंद्र पर लापरवाही या तकनीकी खामी सामने आती है, तो संबंधित विद्यालय और केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शासन की ओर से परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत, सभी परीक्षा केंद्रों पर ट्रायल रन अनिवार्य कर दिया गया है। सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डरों की कार्यक्षमता की बारीकी से जांच की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक हरिशचंद नाथ ने बताया कि शासन और बोर्ड के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की गहन जांच कराई जा रही है। ट्रायल रन के माध्यम से सभी संभावित कमियों को परीक्षा प्रारंभ होने से पहले ही दूर कर लिया जाएगा। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराना है।