स्वास्थकर्मी माने, सेवाएं बहाल
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में हुए बवाल के बाद स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन शनिवार को तीसरे दिन स्थगित हो गया। इस दौरान पहुंचे एडी हेल्थ ने स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की और उसके बाद डीएम से मिलकर ज्ञापन दिया। डीएम से वार्ता के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल वापस ले लिया और ओपीडी शुरू कर दी। इससे मरीजों को राहत मिली।
बृहस्पतिवार को एक युवक करंट से झुलस गया था, जिसे परिजन जिला अस्पताल के इमरजेंसी में लेकर आए थे। चिकित्सकों ने देखते ही युवक को मृत घोषित कर दिया था। परिजन युवक को रेफर करने के साथ एंबुलेंस की मांग करने लगे थे। इस बात पर उनकी स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक हो गई थी। परिजन युवक के शव को लेकर चले गए थे, जिससे स्वास्थ्य कर्मी नाराज होकर धरने पर बैठे गए थे और स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी थी। सूचना पर एसपी आकाश तोमर भी मौके पर पहुुंचे थे और स्वास्थ्यकर्मियों को हड़ताल समाप्त करने को कहा था, पर स्वास्थ्य कर्मी नहीं माने। एसपी से सख्ती दिखाते हुुए तीन स्वास्थ्य कर्मियों को जबरन पकड़कर कोतवाली भिजवा दिया और धरने को समाप्त करा दिया था। कर्मचारियों की गिरफ्तारी की सूचना पर स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला अस्पताल समेत समस्त सीएचसी-पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी थी। डीएम और एडी हेल्थ के हस्तक्षेप के बाद इमरजेंसी सेवा बहाल हुई थी, लेकिन ओपीडी बंद थी। शनिवार को एडी हेल्थ डॉ रंगजी द्विवेदी जिला अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की। इसके बाद एक प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला। डीएम ने स्वास्थ्यकर्मियों की मांग को सुना और उसे शासन में भेजने की बात कही। डीएम की पहल पर स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल वापस ले लिया। फार्मासिस्ट संघ के महामंत्री नित्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि सीएम को ज्ञापन भेजा गया है जिसमें उत्पीड़न न करने की बात कही गई है। उत्पीड़न होता है तो संगठन आरपार की लड़ाई लड़ेगा। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि हड़ताल वापस हो गया है। ओपीडी बहाल हो गई है। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं से बातचीत हुई।