मेंहदावल। तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तीन दिनों में राप्ती का जलस्तर 60 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है। सोमवार सुबह 8:00 बजे जलस्तर 75.60 मीटर पर पहुंच गया था। ड्रेनेज खंड के अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। जिला तथा तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने भी तटबंध व जलस्तर का जायजा लिया।
क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के ग्रामीण भी चिंतित हैं। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 75 मीटर था। शनिवार को 75.17 मीटर पर पहुंच गया। रविवार को नदी का जलस्तर 75.30 सेमी पर पहुंच गया। वहीं सोमवार को सुबह राप्ती का जलस्तर 8:00 बजे 75.60 सेंटीमीटर मापा गया। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता मनीष राय, अवर अभियंता अर्जुन प्रसाद समेत कई विभागीय अधिकारियों ने तटबंध के साथ ही जलस्तर की निगरानी तेज कर दी है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एडीएम व एसडीएम ने भी तटबंध पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बिशनपुर में तटबंध सुरक्षित करने के लिए हो रहे स्पर एप्रन आदि कार्य का जायजा लिया। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही इस कार्य को यथाशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने कहा कि तटबंध पर कहीं भी रेनकट नहीं होना चाहिए। तटबंध को सुरक्षित करने के लिए पुख्ता व्यवस्था रखें। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता ने तटबंध पर अब तक हुए कार्य से अवगत कराते हुए कहा कि बढ़ते जलस्तर के बावजूद अभी कोई दिक्कत नहीं है। तटबंध के अति संवेदनशील कटान स्थलों पर बोल्डर पीचिंग आदि कार्य पहले ही पूर्ण करा दिया गया है। जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
जलस्तर के बढ़ने में तेजी देख ग्रामीण चिंतित
मेंहदावल। क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखकर तटबंध से सटे गांव के लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। एक तरफ बाढ़ का डर सता रहा है तो दूसरी तरफ फसल बर्बादी का। 19.200 मीटर लंबे तटबंध करमैनी बेलौली के राप्ती नदी का जलस्तर सोमवार को 75.60 पर पहुंच गया है। बांध से सटे गांव करमैनी भरथुवा बेलौहा नौगो छपिया पराग तिवारीपुर विशुनपुर बढ़या कुसौना कला डुमरिया बाबू थरौली बेलौली के लोगों की चिंता बढ़ गई है। इन गांवों की सुरक्षा तटबंध से होती है। बांध से सटे यह गांव बसे हैं।
क्षेत्र के उपेंद्र सिंह, संदीप सिंह, रणविजय शाही, संजय सिंह, राजकुमार, बैजनाथ यादव, दिलीप गुप्ता, मानवेंद्र प्रताप सिंह, कृष्णानंद त्रिपाठी आदि का कहना है कि राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे चिंता बढ़ रही है। तटबंध पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन बांध आज भी सुरक्षित नहीं है।