खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती
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राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हाल यह है नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। बढ़ते जलस्तर को देखकर जहां तटबंध से सटे गांवों के लोग दहशत में हैं। वहीं विभागीय अधिकारी तटबंध की सुरक्षा को लेकर चौकन्ने हो गए हैं।
मेंहदावल के पूर्वी-उत्तरी छोर पर स्थित राप्ती का जलस्तर लगातार उफान पर है। राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। यहां सुबह आठ बजे बहाव 79.05 और शाम चार बजे 79.14 मीटर था। नदी खतरे के निशान से मात्र 36 सेमी नीचे बह रही है। विभागीय अधिकारी नदी के बैकरोल व कटान स्थलों पर जहां झांवा, ईंट बोरियों में भरकर कटान स्थलों पर डलवा रहे है वहीं तटबंध की पेट्रोलिंग भी शुरू करा दी है। नदी के बढ़ते जलस्तर की सूचना पर बुधवार सुबह एक्सईएन दिनेश चंद्र त्रिपाठी करमैनी-बेलौली तटबंध पर पहुंच कर बंधे का निरीक्षण किया।
विशुनपुर बांगर, नौगों, खैरा मंदिर व बेलौली कटान स्थलों का निरीक्षण करते हुए जूनियर इंजीनियर को आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल तटबंध अभी तक पूरी तरह सुरक्षित है। नौगों व बेलौली में नदी का जलस्तर तटबंध से सटकर बह रहा है। तटबंध से सटे गांव बेलौहा, नौगों, तिवारीपुर, बानडूमर, विशुनपुर, डुमरिया बाबू, थरौली व बेलौली के निवासी नदी के बढ़ते जलस्तर से लोग दहशतजदा है। फिलहाल बढ़ते जलस्तर के बाद ड्रेनेज खंड द्वितीय तटबंध व जलस्तर पर पूरी तरह से निगाह लगाए हुए हैं।
जेई मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार शाम चार बजे राप्ती नदी का जलस्तर 79.14 मापा गया है। खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर अभी नीचे है। नदी के जलस्तर बढ़ने की गति डेढ़ सेमी प्रति घंटे हो गई है। कहीं से तटबंध पर नदी का दबाव नही है। जहां भी थोड़ा बहुत कटान है वहां पर काम कराकर कटान को रोक दिया गया है। तटबंध की पेट्रोलिंग कराई जा रही है। कहीं से कोई दिक्कत नहीं है। वहीं देरशाम धनघटा थाने पर एक प्लाटून पीएसी पहुंच गई। पीएसी के जवान अपने साथ संभावित बाढ़ बचाव के लिए चार मोटर वोट भी लाए हैं।