फिर कराया जाएगा रैपिड सर्वे
पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व पर 31 मार्च तक रिपोर्ट सौंपेगा आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह व सदस्यों ने रविवार को विकास भवन सभागार में नगर पालिका एवं नगर निकायों में प्राविधान के तहत पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व की समीक्षा की। अध्यक्ष ने कहा कि 31 मार्च तक आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करा देगा।
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने आरक्षण अथवा सर्वे आदि से संबंधित बिंदुओं पर उठाए गए सवालों पर कहा कि रैपिड सर्वे पुन: किया जाएगा। नगर पालिका एवं नगर निकायों में आरक्षण के लिए निर्धारित प्राविधान के अनुसार सूची तैयार की जाएगी।
आयोग के अध्यक्ष राम अवतार सिंह ने कहा कि 28 दिसंबर 2022 को इस आयोग का गठन किया गया। आयोग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जन प्रतिनिधियों के मतों एवं फीडबैक के आधार पर यह समीक्षा करना है कि पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त हो रहा अथवा नहीं। ओबीसी की राजनैतिक भागीदारी कितनी है। नगरीय निकायों में पिछड़ेपन की प्रवृत्ति और उसके प्रभाव का अध्ययन भी शामिल है।
अध्यक्ष सहित आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा, महेंद्र कुमार व बृजेश कुमार सोनी नगर पालिका खलीलाबाद सहित सभी नगर निकायों के जन प्रतिनिधियों, सभासदों से उनका पक्ष जाना तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। अध्यक्ष ने कहा कि जनपद में पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व संतोषजनक है। बैठक के दौरान निर्धारित प्रारूप पर प्रश्नावली भी भरवाई गई।
बैठक में संबंधित नगर पालिक व नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी ने पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत के आरक्षण एवं अन्य जानकारी से अवगत कराया। जन प्रतिनिधियों के आरक्षण के सवालों पर अध्यक्ष ने डीएम प्रेम रंजन सिंह को इस संबंध में स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ अलग से बैठक कर नियमानुसार सुधार कराने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम मनोज कुमार सिंह, सीडीओ संत कुमार, डीडीओ सुदामा प्रसाद, एसडीएम सदर अजय त्रिपाठी, नवीन कुमार श्रीवास्तव, रमेश चंद्र, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत मगहर संगीता वर्मा आदि मौजूद रहे।