अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने की सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने दुष्कर्म के आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चौधरी नियाज अहमद ने बताया कि थाना बखिरा क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने पुलिस तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि 31 मई 2016 को 12 बजे रात में गांव के आरोपी बुरी नीयत से उसके घर में घुस गया। उसकी लड़की को अकेले कमरे में पाकर मुंह दबा दिया और चाकू की नोक पर डरा-धमका कर दुष्कर्म किया। साथ ही धमकी दी कि किसी को बताने पर जान से मार कर दफना देगा।
आरोपी के विरुद्ध थाना बखिरा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद दुष्कर्म पाॅक्सो एक्ट व जान से मारने की धमकी का साक्ष्य पाए जाने पर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता की मां, पीड़िता, उपनिरीक्षक तथा डॉक्टर के बयान कराए गए। गवाही कराई गई। दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
कोर्ट ने पीड़िता के बार-बार बयान बदलने, विवेचक का डीएनए टेस्ट के लिए नमूना नहीं भेजना जो दुष्कर्म के मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। वादिनी मुकदमा के पक्षद्रोही बयान देने जो पाॅक्सो एक्ट की धारा के तहत दंडनीय है। इसके संबंध में उसके विरुद्ध मामला दर्ज किया जाना एवं दंडित किया जाना आवश्यक है।
तथ्यों एवं परिस्थितियों के दृष्टिगत रखते हुए जान से मारने की धमकी और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध के दोषी नहीं पाए जाने पर आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।