कुआनो नदी के बनकटा घाट पर पक्का पुल बनाए जाने की मांग के समर्थन अब क्षेत्र के लोग भी आगे आए। रविवार को क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग लोहरैया में पहुंच कर राम जानकी मार्ग को जाम कर दिया। इससे सिकरीगंज- धनघटा मार्ग पर तीन घंटे तक यातायात ठप हो गया। बाद में एसडीएम धनघटा इंद्रभान तिवारी जाम स्थल पर पहुंचे और पुल निर्माण की बात डीएम स्तर से शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिए, तब जाकर लोग सड़क से हटे और आवागमन बहाल हुआ। उधर नदी में मचान पर बैठ कर आमरण अनशन कर रहे विंध्याचल आजाद के साथ लोग नदी में खड़ा होकर प्रदर्शन किए।
बनकटा घाट पर पक्के पुल का निर्माण किए जाने की मांग को लेकर सोमवार से आंदोलन चल रहा है। आंदोलन में संतकबीरनगर और गोरखपुर जिले की जनता बढ़ चढ़ कर भागीदारी कर रही है। गोरखपुर जिले के रहने वाले विंध्याचल आजाद बुधवार से भूख हड़ताल पर बैठे है। इससे उनकी तबियत भी बिगडने लगी है। गोरखपुर जिले के बनकटा, रकौली , शिवपुर, बारीगांव समेत कई गांव के लोग यहा आकर धरना दे रहे है, तो संतकबीरनगर जिले के शाहपट्टी, बंतवार, फुलुई, लोहरैया, भरतपुरा, टाडा आदि गांव के महिला पुरुष पुल की आवश्यकता पर जोर देते हुए आंदोलन में भागीदारी कर रहे है। रविवार को जब क्षेत्र की जनता सड़क पर उतरी तो प्रशासन के लोगों के होश उड़ गए। भीड में शामिल देवेंद्र प्रताप सिंह, विजई राय, ऋषिकेश शुक्ल, राजन राय, अशोक राय, दिनेश आदि का कहना है कि शासन यहां पर पुल का निर्माण न कराकर यहां के विकास को रोक रखा है। राम जानकी मार्ग को करीब 11 बजे लोग जाम किए और दो बजे तब खाली किए। जब एसडीएम इंद्रभान तिवारी मौके पर पहुंच कर आश्वासन दिए कि उनकी मांग को वह डीएम के माध्यम से शासन तक पहुंचाएंगे। विंध्याचल आजाद ने कहा कि इस आंदोलन को गोरखपुर और संतकबीरनगर का प्रशासन गंभीरता से नही ले रहा है। जिससे जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आंदोलन में अब भागीदारी के लिए महिलाएं भी आगे आने लगी है। नदी में खड़ा होकर लोग अपनी मांग के संबंध में नारेबाजी करते हुए देखे गए।