फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: उड़ रही धूल... राम जानकी मार्ग पर चलना हुआ मुश्किल

Wed, 29 Nov 2023 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो सहित
विज्ञापन

सर्किट रेट का लगातार विरोध कर रहे किसान, कई जगह रुका पड़ा है निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी

धनघटा। राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर ग्रहण लग गया है। सड़क के किनारे का सर्किल रेट दिए जाने की मांग के समर्थन में किसानों ने जगह-जगह निर्माण कार्य रोक दिया है। जहां निर्माण कार्य रुका है, उन स्थानों पर खोदे गए गड्ढे से उड़ रहे धूल के गुब्बार ने यात्रियों का आना-जाना मुश्किल कर दिया है।

अयोध्या से जनकपुर तक जाने वाले राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य जिले में 35 किलोमीटर होना है। सड़क 134.91 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है। सड़क का निर्माण कार्य जिले की सीमा रामपुर बारहकोनी से जनवरी माह में शुरू हुआ। दो मई 2024 तक सड़क के निर्माण कार्य की समय सीमा निर्धारित है। रामपुर बारहकोनी से बमुश्किल चार किलोमीटर सड़क के निर्माण का कार्य आगे बढ़ा तो परसा गांव के किसानों ने कार्य रोक दिया। वे अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का सर्किल रेट सड़क के किनारे के हिसाब से देने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

इसके बाद निहैला के किसानों ने भी सर्किल रेट के लिए कार्य को ठप कर दिया। शनिचरा बाजार से प्रसादपुर तक सात किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य हुआ। आगे बढ़ने पर मलौली और भंडा के किसानों ने सड़क का निर्माण कार्य सर्किल रेट की मांग करते हुए रोक दिया। जून से अब तक मलौली से हैंसर बाजार तक पांच किलोमीटर की दूरी में सड़क का कार्य ठप है।
सड़क खोद कर छोड़ दिए जाने के कारण वाहनों के आने-जाने पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही हैंसर बाजार वासियों का धूल के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया है।
व्यापारी शिवप्रसाद मद्धेशिया, रमेश, पंकज, मदनलाल, सुरेंद्र निषाद आदि का कहना है कि सड़क खोद कर छोड़ दिए जाने से दिक्कत आ रही है। तेज रफ्तार के साथ गुजर रहे बड़े वाहन के पीछे उठने वाली धूल भी परेशानी बढ़ा रही है। इससे घर में रहना-खाना मुश्किल हो गया है। चाय-पान की दुकान में पहुंच रही धूल से सामान खराब हो जा रहे हैं। इतना ही नहीं धूल का लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने लगा है। लोग सांस और आंख के मरीज होने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य जब तक बंद है, तब तक कम से कम पानी सड़क पर बराबर डालना चाहिए। लेकिन, कार्यदायी संस्था के लोग उड़ने वाली धूल की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी खामोश है।
विज्ञापन


कोट

जिन स्थानों पर सड़क का निर्माण कार्य रुका हुआ है, वहां के किसानों से बातचीत की जा रही है। अधिकतर लोग मुआवजा ले भी चुके हैं। सड़क पर पानी डालने का काम भी किया जाता है। निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।

-अमित कुमार तिवारी, कंसलटेंट, एनएचएआई, बस्ती
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें