पौली क्षेत्र के चंदौलीमाफी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
रोसयाबाजार। पौली क्षेत्र के चंदौलीमाफी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास सत्यनारायण ने भक्त प्रह्लाद का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भक्त पर जब भी अत्याचार होता है तो भगवान रक्षा करने स्वयं आते हैं।
उन्होंने कहा कि भक्त प्रह्लाद को भगवान में अटूट आस्था थी। उनको अपने नास्तिक पिता हिरण्यकश्यप के विरोध का सामना करना पड़ता था। हिरण्यकश्यप अपने भाई की मौत का बदला भगवान विष्णु से लेना चाहता था। प्रह्लाद भगवान विष्णु के भक्त होते थे। प्रह्लाद भगवान विष्णु को याद करते थे। इस कारण हिरण्यकश्यप उससे क्रोधित रहता था। हिरण्यकश्यप प्रह्लाद की हत्या करना चाहता था। भगवान विष्णु ने भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए नरसिंह के रूप में पहुंचकर हिरण्यकश्यप का वध कर दिया।
इस मौके पर गिरीश चंद पांडेय, विनय पांडेय, श्रीधर पांडेय, केशरी नंदन पांडेय, सुधांशु पांडेय, पवन, पंखुड़ी, कमलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।