मेंहदावल। तहसील क्षेत्र में परिषदीय स्कूलों में डेंगू नियंत्रण और जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत बच्चों को मच्छरों के पनपने के स्थान, बचाव के तरीके और प्राथमिक उपचार के प्रति शिक्षित करते हुए पोस्टर मेकिंग, निबंध प्रतियोगिता और प्रभातफेरी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यालयों से लेकर गांवों की गलियों में लोगों व बच्चों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
एसडीएम अरुण कुमार और बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि अभियान के तहत लोगों को कूलर, गमलों, टायरों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देने की सलाह दी जा रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आईडी गौरव ने बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को डेंगू बुखार, उसके लक्षण और बचाव के प्रति जागरूक करना है।
पीएम श्री विद्यालय अठलोहियां पर सबसे पहले तो प्रभारी प्रधानाध्यापक अमरेश बहादुर सिंह ने सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों को डेंगू के मुख्य कारणों के विषय में परिचित कराया। इसके बाद बच्चों ने लोगों को बताया कि डेंगू एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। मानसून के दौरान इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं। डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और उल्टी-मतली शामिल हैं।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। जिले के कई चिह्नित अस्पतालों में डेंगू की निशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध है। बच्चों ने लोगों से पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करने, घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। कंपोजिट विद्यालय नारायनपुर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक नृपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि स्कूल पर कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों ने डेंगू बचाव पर चित्रकारी और आकर्षक स्लोगन प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
इसमें अंशुमान, इशिता और शिवानी पहले स्थान पर रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुसौनां खुर्द और भिटियां खुर्द और कंपोजिट विद्यालय अछियां पर बच्चों को जागरूक करने के लिए निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। सभी परिषदीय विद्यालयों के बच्चे अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर स्कूल के आसपास के क्षेत्र और गांव में रैलियां निकालते हुए आम लोगों को गमलों और पुराने टायरों में पानी जमा न होने देने का संदेश देते हुए मच्छरों का प्रजनन रोकने की अपील की। अंत में सभी शिक्षकों और छात्रों द्वारा अपने घरों, विद्यालय के आसपास जल जमाव नहीं होने देने और स्वयं भी सुरक्षित रहने का संकल्प लेने के लिए शपथ ग्रहण किया।