मेंहदावल। तहसील क्षेत्र में स्थित करमैनी-बेलौली तटबंध बदहाल है। अतिसंवेदनशील कटान क्षेत्र बेलौली में भी कई स्थानों पर रेनकट हैं। इन्हें अब तक भरा नहीं गया है।
क्षेत्र में करीब 19 किमी लंबे तटबंध पर हाल के वर्षों में करोड़ों रुपये का कार्य कराया गया। ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों का दावा है कि पूरे तटबंध पर रेनकट भरने का कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और है। बेलौली तटबंध पर रेनकट की भरमार है। बंधे के दोनों तरफ तीन से चार फिट गहरे गड्ढे हैं। वैसे तो बांध पर मिट्टी गिराई गई है लेकिन रेनकट और गड्ढे भरने का कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
यह रेनकट तटबंध को कमजोर कर रहे हैं। बरसात होते ही इनमें पानी भर जाता है। तटबंध पर लगातार आवागमन होने के कारण बांध पर प्रभाव पड़ रहा है। नगपुर गांव निवासी अवनींद्रनाथ त्रिपाठी ने कहा कि करोड़ों खर्च के बाद भी बांध की सेहत नहीं सुधरी है। बेलौली में रेनकट और होल साफ नजर आ रहा है। यहां तैनात अभियंता बरसात के इस मौसम में तटबंध पर रात्रि निवास नहीं करते हैं।
वहीं ढोढ निवासी ललई गुप्ता ने बताया कि बरसात के मौसम में ही काम कराया जाता है।