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बारिश से जल भराव, राहगीर परेशान

Sat, 02 Jul 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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जल भराव। - फोटो : अंबरीश‌ मिश्रा
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शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार को दोपहर तक जिले में बारिश हुई। इससे जहां भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। वहीं शहर में भारी जलजमाव हो गया। कुछ स्थानों सड़क ही दिखाई नहीं दे रही थी। इसके कारण राहगीरों को काफी दिक्कतें झेलने को मजबूर होना पड़ा। शहर के अधिकतर हिस्सों में शाम तक जल भराव बना रहा। 
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शुक्रवार की रात्रि से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। शनिवार को दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। कई दिनों के बाद बारिश होने से कुछ लोग बारिश का आनंद भी लेते देखे गए, दूसरी तरफ शहर में लोक निर्माण विभाग के डाक बंगला, मुखलिसपुर रोड, गोलाबाजार, बंजरिया रोड, मोती नगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  परिसर, जूनियर हाईस्कूल परिसर आदि स्थानों पर भारी जल जमाव हो गया। नालियां जाम होने के कारण नालियों का गंदा पानी भी सड़क तक पसर गया, इससे आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गोलाबाजार में नालियों की सफाई के दौरान निकला मलवा रखा था, जो बारिश के पानी के साथ ही सड़क तक पसर गया, जिससे पैदल यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। वैसे भी शहर के कई हिस्सों  में अभी भी नालों का सफाई का कार्य चल रहा है, ऐसे में समस्या और गंभीर हो  गई है। 
सरकारी कार्यालयों में लगा पानी
बारिश के चलते मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सहित विभिन्न  विभागों के कार्यालय परिसरों में भारी जल जमाव हो गया, इसके कारण आने-जाने में अधिकारियों-कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सीएमओ दफ्तर पर जाने के लिए लोगों को घुटने पर पानी से होकर गुजरना पड़ा। ऐसी ही स्थिति जिला जज कार्यालय के सामने, जूनियरा हाईस्कूल परिसर, डीआईओएस दफ्तर आदि की भी रही। 
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धान की रोपाई में आई तेजी 
मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। जिन किसानों की बेहन तैयार हो गई थी, उन्होंने मेडबंदी के साथ ही धान की रोपाई शुरू दी। स्थिति यह रही कि दिनभर किसान खेतों में ही लगकर धान की रोपाई करते रहे। इसके कारण मजदूरों की भी कमी आ गई। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होगी। 
तार टूटने से बाधित रही बिजली 
तेज बारिश के कारण कलेक्ट्रेट के सामने पेड़ की डाली विद्युत तार पर गिर गई, जिससे तार टूटकर गिर गया। इसकी सूचना लोगों ने विद्युत विभाग को देकर आपूर्ति रोकवाई। तार टूटने से क्षेत्र के आस-पास की विद्युत आपूर्ति शनिवार की शाम तक बाधित रहीं। शाम को विद्युत कर्मियों ने तार को सही किया तब जाकर आपूर्ति बहाल हो सकी। ऐसी ही स्थिति गांवों की भी है। खलीलाबाद दक्षिणी फीडर से जुड़े चकदही, गौसपुर, नहसापार, धरैची, उमरी खुर्द, केरमुआ सहित कई गांवों में आपूर्ति अब भी बाधित है। 

बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल
 स्थानीय नगर पंचायत प्रशासन द्वारा नगर की स्वच्छता और जल निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च कर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का दावा पहली बरसात में ही तार - तार हो गया। जहां एक तरफ बरसात की पानी नालियों में जाम है वहीं दूसरी तरफ मार्गों पर गंदगी के अंबार के साथ ही पहली बरसात ने नगर की सूरत को बिगाड़ कर रख दिया है। नगरवासी कीचड़ युक्त मार्गों पर निकलने से परहेज कर रहे है तो व्यापारी बाजार की हालत देख कर वर्तमान व्यवस्था को कोस रहे है । 
 मेंहदावल नगर पंचायत के 15 वार्डों में 45 हजार आबादी को स्वच्छता व जल निकासी की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2012 से मार्च 2015 के बीच करोडों रुपये नाला- नाली निर्माण और सफाई पर खर्च कर नगर प्रशासन नगरवासियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था, लेकिन पहली बरसात ने नगर पंचायत के दावे को तार - तार कर दिया। हालात यह हो गए है कि शनिवार की सुबह बारिश में पश्चिम टोला के धोबी टोले के मार्ग पर गंदगी व जाम हुई नालियां यहां के निवासियों के लिए मुसीबत बन गई। गंदगी के कारण मार्ग पर चलना दुर्भर हो गया। हास्पिटल तिराहे से अंजहिया बाजार होते बाराखाल की तरफ जाने वाला मार्ग जल- जमाव व गंदगी से पटा हुआ है। सबसे दयनीय स्थिति अंजहिया बाजार के सब्जी मंडी की है। जहां दुर्गंध और कीचड़ युक्त गंदगी से व्यापारी और नागरिक दोनों परेशान है और वर्तमान व्यवस्था को कोस रहे है। टड़वरिया चौराहे से बाराखाल की तरफ जाने वाले बीएमसिटी मार्ग पर भारी जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। यदि बरसात का मौसम लगातार चलता रहा तो नगर और अगल- बगल के क्षेत्र जल - जमाव की समस्या जूझना पड़ेगा।  
नगर पंचायत में जल निकासी व स्वच्छता के लिए काफी कार्य कराए गए। अब बरसात हो जाने के कारण इतनी परेशानी तो अक्सर हो जाती है। वैसे तो जल - जमाव के स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है और नगर में साफ - सफाई की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सफाई नायक को जिम्मेदारी देते हुए प्रमुख नालों व नालियों की साफ - सफाई कराई जा रही है ।  
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उमाकांत मिश्रा, अधिशाषी अधिकारी 
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