रोसयाबाजार/ लोहरैया। धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू के जलस्तर में वृद्धि जारी है। नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 10 सेमी की वृद्धि हुई है। गायघाट में सरयू रिंग बांध से सटकर बह रही है। वहीं मकदूमपुर बांध की हालत खराब है। यहां कई स्थानों पर रेनकट नहीं भरे गए हैं। इस कारण बांध क्षतिग्रस्त है।
मकदूमपुर बांध पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं। बंधे पर बने बड़े-बड़े रेनकट, टूटी सड़क व पटरियां क्षतिग्रस्त हैं। एक जगह स्पर भी दरक रहा है। बाढ़ का समय अब नजदीक आ गया है। तेज बारिश से नदी में बाढ़ का पानी एक हफ्ते से बढ़ रहा है। बावजूद इसके सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं।
पड़रिया गांव के सीताराम ने बताया कि बाढ़ जहां हमारी फसलों धान व परवल, गंजी को बर्बाद कर देती है, वहीं नदी के किनारे निवास करने वाले गांव के लोगों की धड़कनें हमेशा बढ़ी रहती हैं। बाढ़ के समय सरयू की तेज लहरें रामपुर मकदूमपुर बांध को ठोकरें मारती है।
बबुरहनिया के टिपोली ने बताया कि उनके गांव से तकरीबन डेढ़ दर्जन परिवार बांध और नदी के बीच निवास करते हैं। जबकि बगल के गांव नकहा में भी एक दर्जन परिवारों की यही स्थिति है। आगे जाने पर नारायनपुर, छपरा गांव के लोगों की भी हालत ऐसी ही है। बाढ़ के दिनों में इनका जीवन दुश्वारियां से भरा होता है लेकिन यदि समय रहते इंतजाम कर लिए जाएं तो दुश्वारियां कम भी हो जाती हैं।
तेजपुर गांव के नंदेश्वर निषाद ने बताया कि स्परों पर लोगों ने कब्जा जमा रखा है। सामान रख दिए गए हैं, जिससे चूहे लग जाने से स्परों की हालत खोखली हो जा रही है, जो बाढ़ के दिनों में समस्या का कारण बन जाएगी।
इसी तरह से हरिकेश, देवी चरन, उमेश यादव रामदीन, रामकुमार, शिवपूजन, राधेश्याम, राम भवन, ओमप्रकाश, शिव मूरत आदि ने बताया कि नकहा से तेजपुर तक एक दर्जन के आसपास स्परों की संख्या है। इनमें से कई स्पर दरक गए हैं। जिनके बीच में काफी जगह हो गई है। जिनकी मजबूती भी कम हो गई है। बाढ़ के दिनों में वह खतरा बढ़ा सकते हैं। जबकि बाढ़ का समय सिर पर है। इस बावजूद बाढ़ चौकी पर कोई चहल-पहल नहीं दिखती है।
दूसरी ओर सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। इसके बाद गायघाट से सटे रिंग बांध पर दबाव बढ़ गया है। नदी कई स्थानों पर रिंग बांध से सटकर बह रही है, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिंग बांध के जिन हिस्सों पर बालू की बोरियां लगाकर सुरक्षा कार्य कराया गया है। वहां स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन जिन स्थानों पर अब तक बालू की बोरियां नहीं लगाई गई हैं और बांध को अधूरा छोड़ दिया गया है, वहां सरयू दबाव बना रही है।
क्षेत्रीय निवासी चंद्रभान, पप्पू और रमेश सहित अन्य ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि जिन स्थानों पर सुरक्षा कार्य अधूरा है, वहां तत्काल बालू की बोरियां लगाकर बांध को मजबूत किया जाए।
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मेंहदावल में राप्ती का जलस्तर घटा
मेंहदावल। दो दिनों तक उफान पर रहने के बाद अब राप्ती का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 77.20 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में गिरावट आते ही तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे बह रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि अगले 24 घंटे में बारिश नहीं होती है तो जलस्तर और गिर सकता है।
नदी का जलस्तर कम हो रहा है। खतरे की कोई बात नहीं है। फिर प्रशासन ने अपनी तरफ से बाढ़ को लेकर पूरी तैयारी कर रखी है।
-सुधीर कुमार, एसडीएम, मेंहदावल