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कैश न होने से पूर्वांचल बैंक की 10 शाखाएं बंद रहीं 

Mon, 26 Dec 2016 11:42 PM IST
Sant Kabir Nagar
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नोटबंदी के 48 दिन बाद भी जिले में हालात अभी पूरी तरह से नहीं सुधरे हैं। हाल यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम बंद हैं।  रकम की किल्लत के चलते पूर्वांचल बैंक की दस शाखाएं बंद रहीं, जबकि 11 शाखाओं पर जमा की गई रकम से भुगतान हुआ। वहीं 30 शाखाओं पर ही उपलब्ध रकम भेजी जा सकी। ऐसे में बहुत से लोगों को बिना रकम के ही निराश होकर लौटना पड़ा। जबकि खलीलाबाद में भी में चार बैंकों के एटीएम बंद रहे।  
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खलीलाबाद में बैंकों में पहले की तुलना में भीड़ सामान्य रहीं। हालांकि एटीएम पर लंबी कतार देखने को मिली। खलीलाबाद में यूको, पीएनबी, आंध्रा और एक्सिस बैंक के एटीएम बंद रहे। वहीं पूर्वांचल बैंक की शाखाओं पर लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक वृज मोहिनी द्विवेदी ने बताया कि शनिवार की शाम को एक करोड़ मिला था। सोमवार को 30 शाखाओं पर दो-तीन लाख के हिसाब से भुगतान के लिए भेजवाया गया था। उन शाखाओं पर भुगतान भी हुआ, लेकिन कुछ लोग कैश खत्म हो जाने से भुगतान नहीं पाए तो निराश होकर घर लौटे। बैंक की दस शाखाएं तो पूरी तरह से बंद रहीं, जबकि 11 शाखाएं खुली लेकिन जमा होने वाले धनराशि से ही कुछ लोगों को भुगतान हुआ। मंगलवार के लिए अभी कैश नहीं मिल पाया है। 

ऐसे में बैंकों की 51 शाखाओं से भुगतान नहीं हो पाने के पूरे आसार है। नोटबंदी के बाद से अब तक पूर्वांचल बैंक ने 199 करोड़ पुराने नोट जमा कराए हैं। जबकि वितरण के लिए सिर्फ 23 करोड़ मिला है। कैश की कमी से भुगतान नहीं कर पाने की वजह बताते हुए शाखा प्रबंधक और कर्मी उपभोक्ताओं से ठीक से संवाद स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। लीड बैंक मैनेजर के जी तिवारी ने बताया कि 100 करोड़ की डिमांड के सापेक्ष 70 करोड़ मिल चुके हैं। जिले में अब हालात लगभग सामान्य हो चुके है। जहां तक रहा सवाल पूर्वांचल बैंक का तो उसे सीधे आरबीआई के चेस्ट से कैश मिल रहा है। पूर्वांचल बैंक के जीएम के स्तर से एरियावार मांग के अनुरूप कैश उपलब्ध कराया जा रहा है। जो दिक्कतें हैं उन्हें हल कराया जाएगा। एचडीएफसी और बैंक आफ बड़ौदा का खुद का चेस्ट है। जिससे उन बैंकों में कोई दिक्कत नहीं हुई। 
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