जिला अस्पताल में मरीजों को परामर्श देते चिकित्सक।
संतकबीरनगर। बच्चों के पैदा होते ही कान में तेल डालने का घरेलू नुस्खा हानिकारक हो सकता है। इससे बचने की जरूरत है। महिलाएं बच्चों को मालिश के दौरान कान व नाक में तेल डाल देती हैं। इससे कान बहने की समस्या के साथ ही बहरेपन का खतरा बना रहता है।
जिला अस्पताल और सीएचसी पर रोजाना औसतन 30 से 40 मरीज इलाज लिए आते हैं। इनमें से 20 से 25 मरीज कान बहने की समस्या लेकर आ रहे हैं, इनमें बच्चे और व्यस्क शामिल हैं। जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि कान में तेल डालने और पानी जाने से ऐसी दिक्कतें आ रही है। कान में तेल ही नहीं कोई भी तरल पदार्थ नहीं डालना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बिना डॉक्टरी सलाह के ड्रॉप या स्प्रिट भी नहीं डालना चाहिए। सरसों का तेल सबसे खतरनाक होता है। गाढ़ा होने से कान के पर्दे में चिपक जाता है। इससे मैल भी जमा हो जाता है। तेल डालने से कान में मवाद आने लगती है और कान बहने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे कान के पर्दे में छेद हो जाता है और पर्दा खराब हो जाता है। इससे बहरेपन हो सकता है।
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-कान बहने और दर्द होने पर घरेलू उपचार की बजाय चिकित्सक को दिखाएं।
-कान की समय- समय पर जांच कराएं।
- भूलकर भी कान में तेल या अन्य कोई चीज न डालें।