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कैश की किल्लत से पूर्वांचल बैंक की शाखाएं बंद रहीं

Wed, 30 Nov 2016 11:23 PM IST
sant kabir nagar 
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कैश की किल्लत के कारण पूर्वांचल बैंक की शाखाएं बंद रहीं। - फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी के 22वें दिन भी जिले में हालात सामान्य नहीं हुए। हाल यह है ग्रामीण क्षेत्राें के अधिकांश एटीएम बंद हैं। बुधवार को भी ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश बैंकों में कैश की किल्लत बनी हुई है। इसके चलते पूर्वांचल बैंक की अधिकांश शाखाएं बंद रहीं। कुछ कैश जमा करने के लिए खुलीं, लेकिन लोगों के गुस्से को देखते हुए बंद कर दी गईं। उधर, भारतीय स्टेट बैंक सेमरियावां  में कैश न होने से बैंक के बाहर कतार में खड़े लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए खाताधारकों ने बैंक के सामने बीएमसिटी मार्ग जाम कर दिया।
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खलीलाबाद में स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में लेन-देन तो हुआ, लेकिन बैंक के तीनों एटीएम बंद रहे। यहीं हाल कृषि विकास शाखा का रहा। एचडीएफसी, पीएनबी और इंडियन बैंक का एटीएम भी बंद रहा। जिले में पूर्वांचल बैंक की 51 शाखाएं हैं। इनमें से अधिकांश कै श न होने के कारण बंद रहीं। जो शाखाएं खुलीं वे उपभोक्ताओं की नाराजगी की वजह से बंद करनी पड़ी।

स्टेट बैक की मुख्य शाखा के सहायक प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि कैश की कमी बनी हुई है, लेकिन प्रतिदिन करीब 12 लाख जमा हो जाता है और कुछ कैश बाहर से मिल जाता है। जिसकी वजह से करीब 30 लाख का भुगतान उपभोक्ताओं में हो रहा है। एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक मेहरान ने बताया कि अब तक 1500 उपभोक्ताओं के नोट बदले गए, जबकि 4000 उपभोक्ताओं को करीब एक करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 500 उपभोक्ताओं ने करीब दो करोड़ बैंक में जमा भी कर चुके हैं। बैंक की तरफ से उपभोक्ताओं को अच्छी सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
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पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक वृज मोहिनी द्विवेदी ने बताया कि कैश की कमी बनी हुई है। डिमांड प्रतिदिन की पांच करोड़ की है, लेकिन कैश मिल नहीं पा रहा है। बुधवार को कैश नहीं मिलने से अधिकांश शाखाएं बंद रहीं। कुछ शाखाएं जमा करने और अन्य     कार्य के लिए खुलीं लेकिन वहां भी उपभोक्ताओं की नाराजगी से बंद कर देनी पड़ी। नौवा गांव और   नंदौर शाखा को बंद करने में तो पुलिस की मदद लेनी पड़ी। स्टेट बैंक तो डिमांड की गई धनराशि उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर कर दी।

लीड बैंक मैनेजर के जी तिवारी ने बताया कि कैश की कमी बनी हुई है। आरबीआई से डिमांड की गई धनराशि नहीं मिल पाई है। दूसरी जगह से कुछ कैश की व्यवस्था करके काम चलाया जा रहा है। लगातार उच्चाधिकारियों से संपर्क स्थापित करके कैश की कमी और डिमांड धनराशि उपलब्ध कराए जाने का प्रयास किया जा   रहा है।         
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